Saturday, July 04, 2026
0 Comments
कतरा-कतरा रूह को, अक्स से टूटते देखता हूँ... मैं इल्म को इस जिस्म से छूटते देखता हूँ। मैं हूँ अभी ज़िंदा, पर रहूंगा कब तक पता नहीं... कायन...
Wednesday, June 24, 2026
0
दिल को सुकून नहीं सीने में, वो इसे बाहर तलाशता है। यह चाहता है कोई मिले इसे इसके जैसा और शायरों को पढ़ता और सुनता है। वो क्या चीज है जिससे द...
Monday, May 11, 2026
0
अब भी मैं... (Hindi Lyrics) (अपने प्यार को खोने के बाद भी उसको अपने अंदर होने के अहसास के साथ लिखा गया हिंदी में कुछ पंक्तियां...।) By AnAlo...
Saturday, May 09, 2026
0
वो कहते हैं कि हम देखें उनको उनकी नज़र से जरा बताओ कि खुद की नज़र में बुरा कौन है ? अगर वो बुरे नहीं है तो वो हमारी नजर में भी अच्छे ही ह...
Sunday, March 23, 2025
0
(Suggest the title for this poem) कैसे चढ़ूं मैं उस महफिल के मंच पे जिसके दर्शक ही अभिनय करने वाले हो। वो जो होते तो कुछ और हो दिल में और द...
Thursday, December 26, 2024
0
मेरे अंदर बैठे शिव और मैं (कोई भी आत्मा ईश्वर को प्रतिस्पर्धा करके प्राप्त नहीं कर सकता है। ध्यान-योग-साधना मन की स्थिरता से पनपते हैं। विच...
Saturday, September 28, 2024
0
"जीवन" (अपने कुछ होनहार दोस्तों का समाज तथा प्रकृति के प्रति बेपरवाही और केवल अपने परिवार के प्रति ही उत्तरदायी होने के स्वार्थी...
Friday, December 08, 2023
0
बस मामूली चोट लगी है मुझे... - कृष्ण कुणाल की लिखी कविता - (मैं, कृष्ण, जो मेरे अपने मेरे हर एक decision , मेरे हर एक step और मेरे भविष्य ...
Friday, July 28, 2023
0
फिर भी लोग कहते है.... (महिला उत्पीड़न के सदर्भ में) कंचन कर्ण के द्वारा लिखी गई कविता फिर भी लोग कहते है.... फिर भी लोग कहते है भारत हमा...
Monday, January 30, 2023
0
previous poem | index page | next poem क्या दोबारा फिर कभी इश्क़ होगा ! (पुराने इश्क़ के अहसासों का दोबारा इश्क़ होने देने से रोकने के अहसास ...
Tuesday, January 03, 2023
0
अगर तुम नहीं तो अब कौन ? (किसी खास को खोने के याद में उसे लिखा गया) by AnAlone Krishna तुम नहीं तो अब कौन ? अगर छलकेंगे मेरे आँखों से आँस...
Thursday, December 16, 2021
1
● अब वो वक़्त नहीं है ● (अपने अपनों की महत्वकांछाओं को पूरा करने के लिए अपनों से दूर रहने वालों के लाचारी को बयां करते हुए।) -कृष्ण कुणाल के ...
Saturday, September 18, 2021
4
● आईने ढूँढ़ रहा हूँ मैं... ● (जब मैं अपनी असफलताओं से हारा हुआ महसूस करने, और खुद को कैसे हताश होने से बचाया, या यूँ कहूँ तो खुद को संभालकर ...
Sunday, June 27, 2021
0
● एक लड़का देखा है मैंने गाँव में... ● (जो बच्चे शहर से पढ़कर वापस आते है और आसानी से गाँव के माहौल में घुल-मिल नहीं पाते, यह कविता उनकी परिस...
Sunday, March 21, 2021
1
_आदत ही छूट गई_ ( दिल मे उम्मीद जागने के बाद इसके टूट जाने के अहसास के साथ ) कृष्ण कुणाल के द्वारा लिखी गई कविता Note:- इसे simple lines...
Wednesday, January 27, 2021
0
मत पलटो पन्ने मेरी जिंदगी के... (उन सभी को उत्तर, जो पूछते रहते हैं कि "तेरे दिल का हाल क्या है ? तुम्हारे ऐसे होने का राज क्या है ?...
Thursday, December 24, 2020
0
• बारिश चाहता है • (उदास मन से रोने की चाहत में जब आँखे बंद हो और आँखों से आँसू छलकने की जगह आँखें सूखी-सूखी महसूस हो) कृष्ण कुणाल की कविता...
Wednesday, December 16, 2020
0
यूँ तो हम बस एक वजह ढूंढ रहे थे इस बेरहम जिंदगी जीने को। जबसे वो मिली यह जिंदगी खूबसूरत लगने लगी॥ हम ख्वाहिश करना चाहे कि बना लूँ उसे ही अ...