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मेरी मदद करो, कृष्ण कुणाल की लिखी कविता बिछड़ते दोस्तों के याद में।

मेरी मदद करो, कृष्ण कुणाल की लिखी कविता बिछड़ते दोस्तों के याद में।

..मेरी मदद करो.. (बिछड़ते दोस्तों के याद में लिखी गई कविता) -AnAlone Krishna. ..मेरी मदद करो.. . अकेला हूँ मैं यहाँ, जाने तू है...

  रास्तो के कंकड़ जब , लगते थे धूल । छोटी गलतीयों को नजर अंदाज करने का , करते थे भूल ।। हर कदम पर सावधानियाँ बरतनें का , पता चला मूल । जब हम ...

  . . पेड़ के पत्ते झड़ रहे हैं , पर फिर भी नीचे बैठा हुआ संत है । . सोच रहा है मन ही मन , कि यह नई शुरूआत है या अंत है ? . - AnAlone Krishna ...

  . We have lots of dreams in our eyes. And our these dreams are very nice. First it didn't completed because money we have is less. So ...
सुझाव - कविता

सुझाव - कविता

~सुझाव~ दूसरों को मन सलाहें देता, पर खुद यह है बहक जाता। तन्हा रोने का नाटक करे, पर सबके सामने पूरा मुस्कुराये। इल्जाम लगाए ध्या...

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