Monday, December 25, 2017
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✨जरूरी क्या है⌚ ( एक बार टूटने के बाद खुद को संभालते हुए) कृष्ण कुणाल की लिखी कविता- ✨जरूरी क्या है⌚ यें फूल 💐 मंडराते भँवरो...
Monday, December 11, 2017
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भाग-२ ● हमदर्द सा कोई ● भाग-४ भाग-३ राजेश का मसखरापन उसकी सबसे बड़ी कमजोरी में से एक थी। वह सबके साथ मसखरी करता, और लोग उसकी ओर आकर...
Tuesday, December 05, 2017
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*बता जरा, मैं फिर हूँ बहका* (एक बार दिल टूटने के बाद फिर से किसी के पीछे बहकने लगने के एहसास में लिखा हुआ) कृष्ण कुणाल की लिखी कविता- ...
Saturday, December 02, 2017
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~इंतजार~ तू रूठ गया, जग रूठ गया, अंदर ही अंदर, मैं टूट गया । सोचा कि संभाल लूँ, बाकी रिश्तों को, पर धीरे-धीरे, सब छूट गया ।। तू ह...