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  आज का ख्वाब मैं एक पेड़ पर बैठा हूँ। दूर-दूर तक जहाँ तक नजर जा रहा है, पेड़ ही पेड़ है और कोई भी नहीं। ना कोई इंसान, ना कोई जानवर, ना ही कोई ...

  आज तो कल से भी बुरा सपना आया- मेरे गाँव से बाहर काम करने गये मजदूर अपने तय समय से घर वापस नहीं आये। घरवालों को बहुत चिंता हो रही है। फिर 1...

  आज सुबह उठने से पहले जो सपना देखे, I wish कि आज के बाद फिर वैसा कोई सपना ना देखूँ- लोग किसी का अंतिम विदाई का तैयारी कर रहे हैं। सबको एक द...

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