Saturday, December 24, 2016
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_ नकली दोस्त _ तूम हो यहाँ, मैं हूँ यहाँ, ना तेरा हूँ मैं, ना मेरे तूम । साथ चल रहा रास्ता हमारा, अलग-अलग हो जायेगा गूम ।। पास भी...
Wednesday, December 21, 2016
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Aksar khud ke baare me yaad dilana padta hai logo ko, warna wo hame bhool jate hain. Ab dekho na hamare mammy-papa apne classmates ka kavi...
Thursday, December 15, 2016
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पद्य-१ ● हमदर्द सा कोई ● भाग-२ भाग-१ "मैं कुछ सुनना नही चाहती | मुझे लगा था कि हम दोस्त हैं| पर लगता है तुम कुछ और ही समझ रहे ...