I, Krishna, present you here, my 100+ literary works—poems and stories. I hope, I shall plunder your heart by these. Let you dive into my imaginary world. I request you humbly to give your precious reviews/comments on what you read and please share it with your loved ones to support my works.

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"Life की परछाई: Chapter 4Chapter 5Chapter 6Chapter 7 • Chapter 8 • Chapter 9" has published on 8th August, 2025. अगर आपको online reading में असुविधा होती है, और आप इसे printed form में पढ़ना चाहते हो, तो post के bottom में दिए 'Download and Print' button को click करके आप उसका printout करवा लेना। जिसमें 'Download and Print' button नहीं है उसके लिए आप 'Google form' को भरकर मुझे send कर दो, मैं आपको pdf भेज दूंगा। इसके अलावा सबसे अंत में UPI QR code भी लगा हुआ है, अगर आप मेरे काम को अपने इक्षा के अनुरूप राशि भेंट करके सराहना चाहते हो तो, आप उसे scan करके मुझे राशि भेंट कर सकते हो। जो आप वस्तु भेंट करोगे, वो शायद रखा रह जाए, परंतु राशि को मैं अपने जरूरत के अनुसार खर्च कर सकता हूँ। ध्यानवाद !
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Day 37: Family Structure / पंचायती_राज P02 | Diary of AnAlone Krishna

 __________Day 37__________

To the friends, and all,
Specially for my sweetest uncle Manohar,
सबसे पहले तो यह अपने गलतफहमी निकाल दो कि रिश्ते खून से बनते हैं। रिश्ते व्यवहार से बनते हैं। जो रिश्ते खून की वजह से जुड़े होते हैं, उनसे हम व्यवहार अच्छे रखते हैं। इसलिए उनसे रिश्ते बने रहते हैं। जिनसे हम इसके बाद भी व्यवहार अच्छे नहीं रखते, उन रिश्तों में दरारें आ जाती है। वही अगर हम ऐसे लोग, जिनसे हमारा खून का रिश्ता ना होते हुए भी व्यवहार अच्छा रखते हैं, उनसे काफ़ी घनिष्ठ रिश्ता बन जाता है। मतलब हमारे रिश्तों के लिए व्यवहार मायने रखता है, ना कि खून। हमारे आपसी रिश्तों की वजह से ही हमारे समाज का निर्माण होता। जिसमें समाज का निर्माण कई घरों या परिवारों के आपस में आपसी रिश्तों की वजह से होता है। एक परिवार कई सदस्यों से मिल कर बनता हैं। जिसमें हर एक member की अपनी खुद की individuality होती है। Individuality के बारे में समझने के लिए इसे पढ़ने से पहले मेरे द्वारा समझाए "How to do self-love ?" वाला journal पढ़ लेना। अगर उसे अच्छे से समझ गए तो आप इसे भी अच्छे से समझ जाओगे। Link है,
किसी भी family structure में mainly 4 important parts होते हैं:-
1. Financial support/ income/ अर्थ (आधार),
2. Family relationship/ आपसी रिश्ता (नींव),
3. Growth/ प्रगति (स्तंभ),
4. Development/ विकास (रूप)
आपको यह सोच रहे होगे कि growth and development एक साथ क्यों नहीं है। तो यह इसलिए कि growth उसका होता है जो पहले से होता है, जबकि development बार-बार बदलकर नया और बेहतर करना होता है। मतलब growth trend or evolution को represent करता है, जबकि development revolution or reforms को।
Normally देखा जाता है कि यह चारों काम घर का अलग-अलग member कर रहा होता है। For example- घर का बड़ा बेटा या father अपने income से family की जरूरतों को पूरा करते हैं; घर की बड़ी बेटी/बहू या मां सारे रिश्तों में तालमेल बनाने का काम करती है; घर का छोटा बेटा/ चाचा या भैया अपने परिवार का स्तर/level ऊंचा करने में लगा रहता है; और घर की छोटी बेटी/चाची या दीदी अपने परिवार को पहले से बेहतर और समय के अनुरूप बनाने की कोशिश करती रहती है। मगर जरूरी नहीं कि हर घर में same हो। अपनी-अपनी कार्यकुशलता और समय के मांग के कारण अलग-अलग member अलग-अलग काम को कर रहे हो, या कोई एक से ज्यादा काम को कर रहे हो। लेकिन हर family में ये चारों काम का सही तरीके से होना बहुत जरूरी होता है। Family में जो जिसमें सबसे better है, वह उसको करके बाकियों का बोझ हल्का कर सकता है। मगर इन सभी चीजों की proper knowledge सभी में होना बहुत जरूरी होती है। इसमें सिर्फ किसी एक का ही knowledge होने से काम नहीं चलता है। कैसे:–
• जब एक person family की जरूरतों के लिए income generate करने की कोशिश करता है तो उसे यह समझ होनी चाहिए कि उसकी family की जरूरतें कितनी है। उसे यह पता होना चाहिए कि हर रिश्तों को संभालने के लिए, उनकी खुशियों के लिए, उनके choices and wishes को पूरा करने के लिए कितना अर्थ/income की जरूरत है। उसे यह पता होना चाहिए कि family की growth के लिए किस चीज में कितना risk and investment करना चाहिए या करने की जरूरत है, और इसके लिए financial support करनी है। उसे यह पता होना चाहिए कि वक्त के साथ चलने और अपनी family को बेहतर बनाने के लिए कितना खर्च करनी होगी। मतलब कब, कितना, कहां, और कैसे खर्च करनी है और उसके लिए उसे कितना और कैसे financial stability रखनी होगी। अगर वह सिर्फ एक के बारे में जानेगा तो सभी को अच्छे से financial support कैसे कर पाएगा ! इसलिए इसे करने के लिए कर्तव्यनिष्ठ and aware रहने की जरूरत होती है।
• जब एक person सभी रिश्तों को संभालने की कोशिश करे, तो उसे उनकी पसंद-नापसंद, उनकी individuality के बारे में समझ होनी चाहिए। उसे यह समझ होनी चाहिए कि उसके family की income कितनी है, और उससे किसी कितनी wishes पूरी हो सकती है। उसे समझ होना चाहिए कि family के growth के लिए कौन सही और कौन गलत है, और उनसे कैसे रिश्ते होने चाहिए। उसे यह समझ होना चाहिए कि family को सबसे बेहतर बनाने के क्रम में criticism से family के आपसी रिश्तों को कैसे maintain रखा जाए। इसलिए इसे करने के लिए understanding and responsible होने की जरूरत होती है।
• जब एक person family के growth के लिए work कर रहा हो तो उसे यह अंदेशा होना चाहिए कि वह कितना और किसमें risk या investment कर सकता है। उसे यह अंदेशा होना चाहिए कि किस limit से ज्यादा किस risk को लेने से family की financial stability कितनी खराब हो सकती है। उसे यह समझ होनी चाहिए कि उसके risk and investments किन रिश्तों के बीच कितना तनाव ला सकता है। उसे समझना चाहिए उसके decisions बाकियों के life में ज्यादा influence ना करें। साथ उसे यह भी पता हो कि family के development के लिए उसे कितना risk लेना होगा। इसलिए इसके लिए loyal and trustworthy रहने की जरूरत होती है।
• जब एक person family को better बनाने की कोशिश करे तो उसे यह समझ होनी चाहिए कि उसके फिजूल खर्ची के लिए उसे कितनी राशि मिल सकती है। उसे यह समझना चाहिए कि जरूरत से ज्यादा expenditure उसकी family पर आर्थिक बोझ डाल सकता है। उसे यह बात समझना चाहिए कि उसके बदलाव सभी के लिए acceptable हो। उसे यह समझना चाहिए कि बदलाव लाने का मतलब यह नहीं होता कि पहले का सबकुछ बर्बाद कर दे। उसे औरों की कमाई, उनकी मेहनत, और उनके choices की भी कद्र करनी चाहिए। इसलिए इसके लिए accountability and time के साथ update रहना पड़ता है।
मतलब देखा जाए तो परिवार के हर member को आपसी समझ, सम्मान और सहायता करने के लिए इन चारों important parts को समझना होता है। इसलिए इन सभी के लिए हर एक field की proper knowledge होने की जरूरत होती है। पहले के समय में यह knowledge by heritage लोगों को मिल जाता होगा। पर अब मैं ऐसा महसूस करता हूं इसकी समझ हमारे precedents को भी नहीं है, तो उनके हम successors को यह बात कैसे समझाएंगे ! इन सभी को अकेले करना आसान है। क्योंकि इससे किसी को जवाबदेही देने की जरूरत नहीं होती और ना किसी से ज्यादा कुछ पूछने की। पर इससे आपके ऊपर बोझ बहुत ज्यादा होगा और आप इसके वजह से होने वाले stress की वजह से इसे बेहतर तरीके से नहीं कर पाओगे। इसे बेहतर तरीके से करने के लिए बहुत जरूरी होता है कि आप आपस में काम बांट लो। Maximum बार ऐसा देखा जाता है कि family का power अपने control में लाने के लिए बाकी members के ऊपर अपना dominance stablish करने की लोग कोशिश करते हैं। वो अंजाने में ही सही पर इस चारों sectors को अपने control में करने की कोशिश करते हैं। जिसकी वजह से या तो वो अपनी responsibility अच्छे से नहीं पूरा कर पाते हैं, या हमेशा stress में रहते हैं। इसमें मेरा case थोड़ा अलग है। अपने parents का only child होने की वजह से मेरे पास अपनी responbilities को split करने के लिए कोई नहीं है, और ना ही अभी तक मेरे life में ऐसी कोई आई है जिसके साथ इसे बांट सकूं। इसलिए यह मेरी मजबूरी है, choice नहीं।
तुम या मेरे age group के जितने भी हैं, वो अभी 22-23 के आसपास के age के हैं। अगर हम target लगाए अपने life में stability लाने के लिए, तो normally log 28-30 तक अपने life को stable कर पाते हैं, मतलब हमारे पास अभी भी 5 साल के आसपास है। अगर इस age में कोई हमें हमारे career को लेकर अपने comments से demotivate करने की कोशिश करे, या हमारे mental stabilty को खराब करने की कोशिश करे, तो उन्हें ingor कर दो। अभी बस track पकड़ने की कोशिश करो, और अगर मिल जाए तो बाकी सभी चीजों को समझने और उन सभी के लायक बनने की कोशिश करो। हर चीज को करने का एक सही वक्त होता है। जब confident हो जाओ कि सबकुछ का sufficient knowledge gain कर चुके को, तब अपना असली रफ़्तार दिखाना। अभी किसी के सामने show off करने की कोई जरूरत नहीं है। अभी बस हर उस चीज को ignor करने की कोशिश करो, जो तुम्हारे target से तुम्हें distraction create करने की कोशिश करती है।

4th November, 2021 A.D.
Visit my blog page for getting links of my earlier posts on this diary series. Link is https://krishnakunal.blogspot.com/p/diary.html
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