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  जब हम किसी को पसंद करते हैं, हम बस उसकी खूबियाँ देखते हैं। फिर जब हम करीब आतें हैं और उसके बारे में ऐसी-ऐसी बातें पता चलने लगती है जो हमें...

  To dear juniors, मैं बचपन से बहुत जिद्दी हूँ। (अगर मेरी बात अजीब लग रही हो तो elders से पूछ लो।) इसलिए समाज में चल रहे रूढ़िवादी परंपरा, कु...
बारिश चाहता है , Hindi poem by AnAlone Krishna.

बारिश चाहता है , Hindi poem by AnAlone Krishna.

• बारिश चाहता है • (उदास मन से रोने की चाहत में जब आँखे बंद हो और आँखों से आँसू छलकने की जगह आँखें सूखी-सूखी महसूस हो) कृष्ण कुणाल की कविता...

  यूँ तो हम बस एक वजह ढूंढ रहे थे इस बेरहम जिंदगी जीने को। जबसे वो मिली यह जिंदगी खूबसूरत लगने लगी॥ हम ख्वाहिश करना चाहे कि बना लूँ उसे ही अ...

  Let change the world. Let change the mentality. Let wear what we want. Let wear in what we feel comfort. बचपन में मैं भी सभ्यता, संस्कृति ...

  Last sunday, I visited Hazaribag Jheel for learn what happens on Pen-Paper-Poetry , where event organizers given two topics for participan...

  आज का ख्वाब मैं एक पेड़ पर बैठा हूँ। दूर-दूर तक जहाँ तक नजर जा रहा है, पेड़ ही पेड़ है और कोई भी नहीं। ना कोई इंसान, ना कोई जानवर, ना ही कोई ...

  आज तो कल से भी बुरा सपना आया- मेरे गाँव से बाहर काम करने गये मजदूर अपने तय समय से घर वापस नहीं आये। घरवालों को बहुत चिंता हो रही है। फिर 1...

  आज सुबह उठने से पहले जो सपना देखे, I wish कि आज के बाद फिर वैसा कोई सपना ना देखूँ- लोग किसी का अंतिम विदाई का तैयारी कर रहे हैं। सबको एक द...

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