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Thursday, December 31, 2020 0 Comments

 To dear juniors,

मैं बचपन से बहुत जिद्दी हूँ। (अगर मेरी बात अजीब लग रही हो तो elders से पूछ लो।) इसलिए समाज में चल रहे रूढ़िवादी परंपरा, कुरीतियाँ जिसके बारे में सभी को पता है कि वह गलत है और शिक्षित तथा ज्ञानी लोग जिसे दूर करने के लिए प्रयत्न कर रहे हैं, मैं भी बेहतर समाज की कल्पना से अपनी सहभागिता योगदान के रूप में देना चाहता हूँ। जहाँ सभी अपनों के सामने उन्हें देखकर उनकी खुशी के लिए यह मान लेते हैं कि समाज ऐसा ही है और यह कभी नहीं बदलेगा, समाज के उसी धारा के साथ बहना स्वीकार कर लेते हैं और परिवर्तन अस्वीकार कर देते हैं; मेरा जिद्द मुझे हार मानने नहीं देगा।
इसलिए sorry, तुम्हें अभी समझ नहीं आएगा। पर मैं भी तुमलोग की तरह हार मान कर जो मिले उसी में संतुष्ट कर लूँ, यह करना मेरे लिए इतना आसान नहीं है। मेरे लिए नैतिकता खोकर भोग-विलास में लुप्त होते समाज को accept कर पाना इतना आसान नहीं है। So sorry, but मैं खुद को नहीं बदल पाऊँगा और मेरा जितना रंग अभी तक तुमलोग देखे हो, काफी नहीं है। मेरे जीवन का रंग निखरना अभी बाकी है।

31st December, 2020 A.D.
Pic. Uploaded on 12 April, 2016 sketched by myself on my fb profile(fb/krishnakunal.barlong).

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