__________Day 87__________
My experiences to help my psychopaths
पर मुझे ऐसा लगता है कि मेरे मरने के बाद ज्यादा से ज्यादा चार दिन लोग आंसू बहाएंगे, फिर मुझे भुला देंगे। जैसे सभी के साथ करते हैं।
मैं suicide करना नहीं चाहता हूँ। बस जीने की चाहत नहीं है। मैं अपनी जिंदगी से लगाव महसूस नहीं करता हूँ।
पर मेरे अपने life में 3 अलग-अलग experience रहे हैं, जिसके वजह से बस मरने से पहले कुछ करना चाहता हूँ, लोगो के लिए। जिसके बाद लोग मुझे भुलाए ना, at least वो अपनी जिंदगी भर मुझे याद रखे और उन्हें मुझे खोने का ग़म हो।
मैं वो experience करता हूँ, शायद यह तुम्हारे भी काम आए।
"Me family matters se preshan thi aur suicide krne ka khayal aa rha tha"
"Bhaiya har chij ko halke me leti hu yha tk ki suicide ko bhi"
"Bad me realise hua mere mrne ke baad mere bare me bahut negative sochenge log"
"Bhaiya esa kuch bataoge jisse ye negative thoughts dubara naa aye"
"Bhaiya bahut bdi galti krne ja rhi thi me
Bhaiya batao plz"
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मेरे 3-4 अनुभव है जो मुझे मेरे sucidal thoughts से बचाते है-
जब मैं 7th में पढ़ता था एक बार मैं एक relative की अंतिम क्रिया से लौट रहा था, तब मेरे साथ गांव का एक लड़का लौट रहा था, जो कि मुझसे 4-5 साल बड़ा था। वह बोला कि वह पढ़ना चाहता था पर उसकी परिवार की स्थिति अच्छी नहीं थी इसलिए उसे काम करना पड़ता था। इसलिए वह school से 7वां, 8वां के time भी school dropout कर गया, और regular पढ़ाई continue नहीं कर पाया। मैं lucky था कि भले ही मेरी family मुझसे over expectations करती थी, जिसके चलते मैं बहुत suppresed feel करता था, और मुझे बहुत घुटन होती रही है, पर at least मुझे पढ़ने को तो मिल रहा था। वो भी CBSE school में।
2nd चीज यह है कि मेरे गांव में एक family में तीन भाई है। दो छोटे भाई शुरू में काम किए ताकि बड़ा भाई का पढ़ाई रुके ना। फिर बड़ा भाई कमाना शुरू किया तो एक एक करके छोटे भाइयों की पढ़ाई complete करवाया।
मैं इकलौता हूँ, मेरे जितने cousins है, एक वक़्त के बाद सभी यह अहसास दिला दिए कि मैं उनका अपना नहीं हूँ। इसलिए मुझसे हमेशा यह अहसास होता है कि मेरी family और social responsibilies मुझे अकेले उठाना होगा। मैं कभी किसी के साथ अपना burden share नहीं कर सकता हूँ। जिसके वजह से भी मुझे घुटन होती है।
पर मेरी family भले ही हमेशा मेरे ख्वाबों में टांग अड़ाते आई है, पर at least वो मेरा masters और अब B.Ed. करवाई। यह मौका हर किसी को नहीं मिलता है।
3rd experience यह रहा हूँ मै अपने गांव में बाहर से आए छोटे छोटे प्रवासी मजदूरों के बच्चों को अपनी पढ़ाई करने की उम्र में ईंटे बनाते हुए देखा हूँ। जब भी मैं नदी जाता था, खेतों की तरफ जाता था, पहाड़ी जाता था। वो कच्चे ईंटों की temporary दीवार बनाकर उसके ऊपर खजूर के पत्तो को रखकर छोटे घर बनाकर रहते हैं, अभी भी। दिनभर धूल में सने होते हैं। उसमें गर्मी और ठंडक दोनों बहुत ज्यादा लगता है, मैं feel किया हूँ छूकर।
भले मेरी family मेरे ख्वाबों के बीच हमेशा अपना टांग अड़ाए है, जिसके वजह से मैं टूटा हूं, पर मुझे at least एक अच्छा घर मिला, रहने की, खाने की, पहनने की सुविधाएं मिली। बहुतों को भी नहीं मिलता है।
मैं चाहता हूँ कि मैं मरने से पहले एक कोशिश करूं, जिससे कोई काम करते हुए पढ़ाई कर सके। एक ऐसा ecosystem हो कि समाज में सभी लोग का life बेहतर हो सके, हो सके तो at least कुछ बच्चों के education को sponser करना चाहता हूँ। एक बार यह कर दूँ, तो फिर मरने का at least मुझे कोई गम नहीं होगा। शायद इसके बाद कुछ लोग मुझे याद रखे, मेरे मरने के बाद। बस इसके वजह से मैं खुद को sucidal thoughts से बाहर निकाल पाता हूँ।
तुम भी यह try कर सकती हो। Experince करो उनके life को, जो तुमसे बुरी हालत में जी रहे हैं। अपने आप उनके लिए कुछ करने का जी करेगा। जो खुद के लिए कुछ नहीं कर सकते है, तुम्हारा जी करेगा उनके लिए कुछ करने का।
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"Me ye sab feel kr ti hu"
"Isiliye me bhi suicidal action se bach jati hu bhaiya"
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मुझे पता है कि शायद ऐसे DMs मुझे और आए, और मैं हर अपना experience share नहीं कर पाऊंगा। इसलिए हमारे chat के इस हिस्से को अपनी Diary में save कर ले रहा हूँ। शायद हमारी इस conversation को पढ़ने के बाद और किसी की help हो।
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