An Undesired Child
Preface:-
"एक रूढ़िवादी समाज, सिर्फ लड़कियों को ही limitations में नहीं बांधता है; बल्कि लड़कों के लिए भी नियम पहले से ही तय कर देता है कि उसे क्या करना है। वह लड़कियों को पुरुष पर depend रहने के लिए तैयार करता है, साथ ही वह लड़कों के ऊपर भी उनकी responsibilities उठाने को बाध्य करता है। वह स्त्रियों के ऊपर नियम बनाता है कि वो परिवार की सेवा करे, और लड़कों को अपने दैनिक जरूरतों के लिए स्त्रियों पर निर्भर भी बनाता है।एक लड़के को बचपन से यह दबाव में जीना पड़ता है कि उसे एक अच्छा बेटा, अच्छा भाई, अच्छा भतीजा, अच्छा पति, अच्छा पिता बनना है। उसके ऊपर हमेशा ही खुद को साबित करने का मानसिक दबाव होता है और वह हमेशा इसके साथ जीता है। सभी उसपर अपनी महत्वाकांक्षाओ का बोझ डालते है, और वह हर किसी को खुश करने के चक्कर में खुद जीना भूल जाता है।मैं यह कहानी एक ऐसे ही किरदार की जिंदगी के बारे में लिखने जा रहा हूँ। इसका ख्याल मुझे पहली बार "हमदर्द सा कोई : भाग-७" को लिखने के दौरान आया था। पर मैं दो करणों से अब तक इसे लिखना शुरू नहीं किया हूँ। पहला तो यह है कि मैं इस विषय को और गहराई से समझना चाहता था, ताकि मैं अच्छी story लिख सकूँ। और दूसरा यह कि, उस वक्त मैं "हमदर्द सा कोई" पर काम कर रहा था। अभी "Life की परछाई" पर काम कर रहा हूँ, पर मुझे बीच में बार-बार "An Undesired Child" का subject परेशान कर रहा है। इसलिए मैं इन दोनों को साथ-साथ लिखूंगा।और हाँ, "An Undesired Child" भी "हमदर्द सा कोई", और "The World of Two Realities" जो कि "Life की परछाई" से जुड़ा होगा; के साथ indirectly जुड़ा होगा।यह कहनी "हमदर्द सा कोई : भाग-७" की किरदार, 'सृष्टि' के पिता के बारे बताएगा।अगर मैं इसे पूरा कर पाऊँ, तो आप इसे मेरे one of the masterpiece work में count करोगे।अगर आप इस preface को मेरी लिखी किताब में पढ़ रहे हो, तो आप मेरी इस कहानी को पहली बार पढ़े नहीं, बल्कि इसे जीयें। आप मेरी इस कहानी को पूरी तरह जीने के बाद, इसका विश्लेषण अंत में करें या दोबारा पढ़कर करें। इससे आपको एक अलग अनुभव मिलेगा।"
-AnAlone Krishna
9th June, 2026 A.D.
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