Teacher का काम होता है, ज्ञान के प्रकाश से अज्ञानता के अंधकार को दूर करना। इसलिए मैं उनसे कुछ सवाल पूछा—
"एक नजर class के लड़कों पर दौड़ाओ। तुमलोग इनके जैसे partner के लिए तो सोलह सोमवारी कर नहीं रही होगी? तुमलोग partner तो सबसे best चाहती होगी? तुम खुद सोचो, जो तुम्हारे according best है, क्या वो तुम्हें चुनेगा? उसके लिए जो best होगी, क्या तुम्हारे अंदर वो ये उपवास करने से भगवान आशीर्वाद देकर डाल देंगे? या तुम्हें पढ़ाई करके, खुद मेहनत करके, खुद को वैसा बनाना होगा? और अगर तुम खुद को वैसा बना ली, भले तुम एक भी सोमवारी ना करो, क्या तुम्हें तुम्हारे according partner नहीं मिलेगा? क्या महादेव उस लड़के को उसके लिए ऐसी partner देंगे, जो सोलह सोमवार का व्रत की थी, या जो उसके लिए best होगी, उसे वो देंगे?
तुम्हें पता ही नहीं है कि किससे क्या मांगना है, कौन तुम्हारी कौन-सी ख्वाहिश पूरी कर सकता है, और किसके लिए क्या चढ़ावा देना चाहिए? यानी कि तुम्हें सिर्फ पूजा-पाठ करना चाहिए, या तुम्हें अपने ख्वाहिश के according बनना भी चाहिए।"
— AnAlone Krishna
16th July, 2026 A.D.

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