Day 93: Reflection in our actions
Drama में एक character थी। वह लड़की अपने ख्वाब को पूरा करने के लिए अपनी friends के साथ shift की। वहां एक वह एक fishtank बनाई, जिसमें वह कई मछलियां पालने लगीं। वो उसको खाना देती थी, care करती थी।
वह बचपन class में 1st आती थी।फिर भी उसकी मां उसे सिर्फ तेज बच्चों से दोस्ती करने के लिए बोलती थी। उसके कपड़े, उसके दोस्त, उनका खाना, बाहर घूमने जाना, यहां तक कि उसके सपने को भी वो control करती थी कि उसे life में क्या बनना है। वह लड़की वो नहीं बनना चाहती थी जो उसकी मां उसे बनाना चाहती थी। वह कुछ भी life में अपना career बनाती मगर उसे नहीं जो उसकी मां चाहती थी। इसलिए जब final exam हुआ, तो जानबुझकर वह अपना paper खाली छोड़कर आ गई। जिसके चलते वह उस paper में fail हो गई, जिससे उसका admission होता।
कुछ साल बाद उसकी मां उस लड़की को शादी के लिए emotionally force करने लगी। जब गुस्से में वह लड़की अपनी मां को बोल दी कि उसे कैसा लगता है जब उसे यह feel होता है कि उसकी माँ उसे control करने की कोशिश करती है। उसे कैद feel होता है, वह घुटन महसूस करती है, उस ऐसा लगता है कि वह आजाद feel नहीं करती है। यह सुनकर कुछ दिन उसकी मां रूठी रही, फिर वह इस चीज को समझी और फिर अपनी बेटी को control करना बंद कर दी। इन चीजों के बाद उस लड़की के दिल से बोझ निकल गया और फिर वह घुटन भी खत्म हो गया।
इसके बाद उस drama में एक scene आता है जब वह लड़की अपने fishtank से मछलियों को निकालकर तालाब में आजाद कर देती है।
यह writer/director के द्वारा दिखाया symbolism है कि वह mentally/emotionally जिस state में थी, उसी का reflection उसके behaviour में था। उसे feel होता था कि उसकी माँ उसकी care नहीं control करती है। उसे care/love चाहिए था इसलिए वह मछलियों को पालकर इस अहसास को पूरा करने का कोशिश कर रही थी। फिर जब उसे finally relief मिला, तो जैसे वो आजाद हुई, वह अपनी मछलियों को भी तालाब के पानी में आजाद कर दी अपने जिंदगी जीने के लिए।
इस scene को drama में नहीं भी दिखाया जा सकता था। पर either writer or director इस scene को specially रखा, बिना किसी dialogue का। जो symbolism नहीं समझते है वो शायद इस scene का message miss कर दे।

हमारा हर एक action, choice reflection होता है हमारे emotional and mental state का। तो my dear sister, तुम सोंच कर बताओ कि तुम्हारा यह जो शौक देख रहा हूँ, fishball में मछलियां पालने का यह तुम्हारे किस mental/emotional state का reflection है ?
-AnAlone Krishna
19th May, 2026 A.D.
Post a Comment
I am glad to read your precious responses or reviews. Please share this post to your loved ones with sharing your critical comment for appreciating or promoting my literary works. Also tag me @an.alone.krishna in any social media to collab.
Thanks again. 🙏🏻