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Tale of the Nine Tales: Beware before worship any Gods

Beware before worship any Gods 


मैं recently यह show देखा, जो कि फिलहाल MX Player पर free में available है। इसमें एक scene लिखा गया है, जो मुझे लगा कि मैं share करूँ।

एक बार एक पहाड़ी देवता ज़मीन पर उतरा। वह enquiry करने के लिए एक गांव गया जहां पर कुछ समय से अजीब-अजीब घटनाएं घट रही थी। आमतौर पर गांव के लोग अपने ग्राम देवताओं को पास के जंगलों में बसाते हैं। इसलिए वह पहाड़ी देवता उन ग्राम देवताओं से मिलने गए यह पूछने कि गांव आखिर ये सब हो क्यों रहा है। पर उसे उस जंगल में कोई नहीं मिलता है। उस गांव और जंगल से सभी देवता/गंधर्व, आदि उस गांव को छोड़ कर जा चुके थे। वह देवता यह पता लगाने कि उस गांव और जंगल के सभी देवता उस जगह को क्यूँ छोड़ कर चले गए, वह एक-एक करके गांववालो से मिलने लगा। गांववासियों से मिलने के बाद वह यह figure out किया कि उन सभी के घरों में जो देवताओं की painting थी, वो असली देवताओं से मेल नहीं खाता था। उसे संदेह हुआ और वो उन गांव वाले से पूजा की विधि पूछा। जिसे जानने के बाद वह पहाड़ी देवता यह समझ गया कि गांव वाले अंजाने में किसी देवता का वेश लिया शैतान की पूजा करने लगे हैं। इसलिए उनके गांव में अजीब-अजीब घटनाएं हो रही थी और ग्राम देवता सब उस जगह को छोड़कर चले गए थे।

कल मैं अपने feed में बहुत सारी औरतों को वट-सावित्री की पूजा करते हुए status देखा। जिसमें से एक reel बहुत viral रहा जिसमें एक बरगद के पेड़ पर आग लग गया था। जब आप पूजा करते हो तो आपको दुनियां की हर चीज को मन और भाव से पीछे छोड़कर बस उस ईश्वर में ध्यान लगाना होता है। आप अगर mobile लेकर पूजा करने जाते हो, सांसारिक भाव और मोह का प्रतीक श्रृंगार करते हो पूजा में जाने से पहले, पीछे आपका पति खड़ा होता है जो आपका video बना रहा होता है और आप pose दे रही होती हो, तो आपके ईश्वर को यह नहीं दिखाई देगा कि आप ध्यान उनका कर रही हो या किसका ?
आपका इस बात पर ध्यान ही नहीं होता है कि वह पूजा क्यों की जाती है, कौन कर सकते हैं, किस अवस्था और परिस्थिति में करना चाहिए और कब नहीं करना चाहिए, कौन करवा सकता है, और जिन मंत्रों का उच्चारण हो रहा है वो सही है कि नहीं। आजकल कि पढ़ी-लिखी महिला अगर इन चीजों को अंधविश्वास नहीं मानती है, फिर भी यह तो उन्हें भी समझना चाहिए कि अपवित्र होकर पूजा करवाने वाला पुरोहित अगर गलती से भी कोई मंत्र का उच्चारण गलत कर देगा तो उन्हें उसका फल भोगना होगा। कम से कम इसी के लिए ही सही उन्हें शास्त्रों, आदि का अध्ययन करना चाहिए।

-AnAlone Krishna
18th May, 2026 A.D.

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