Recents posts from this Blog...👇

दिल को सुकून नहीं सीने में...

दिल को सुकून नहीं सीने में...

दिल को सुकून नहीं सीने में, वो इसे बाहर तलाशता है। यह चाहता है कोई मिले इसे इसके जैसा और शायरों को पढ़ता और सुनता है। वो क्या चीज है जिससे द...

"हर इंसान का अपना अलग नज़रिया होता है। तुम लोगों के सामने चाहे कितने ही उदाहरण रखो, वो मानेंगे तो वही जो उन्हें मानना है। मैं अगर उन्हे...

मैं खुद से सवाल करता हूँ कि, "मैं teacher क्यूँ बनना चाहता हूँ ? क्या मैं सच में students को पढ़ाने के लिए teacher बनना चाहता था ? मैं ...

 ज्ञान हो और समझ ना हो, तब नासमझी मानी जाएगी। जब ज्ञान ही ना हो, तो उसकी नासमझी कैसी ? उसे अहंकार माना जायेगा। कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में...

Navigation 💡 [Select Categories from Edit]

Most recent Comments/Replies by the Readers 👇