Home › Diary › Poetry Wednesday, December 16, 2020 0 Comments यूँ तो हम बस एक वजह ढूंढ रहे थेइस बेरहम जिंदगी जीने को।जबसे वो मिली यह जिंदगी खूबसूरत लगने लगी॥हम ख्वाहिश करना चाहेकि बना लूँ उसे ही अपनी जिंदगी।अलबत्ता उससे पहले ही हमें वोउसके बग़ैर जीना सीखा दिये॥-AnAlone Krishna Share: 0 Comments Post a Comment Related Posts
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