रास्तो के कंकड़ जब , लगते थे धूल ।
छोटी गलतीयों को नजर अंदाज करने का , करते थे भूल ।।
हर कदम पर सावधानियाँ बरतनें का , पता चला मूल ।
जब हम गिरे , और जिन्दगी गयी बीच में झूल ।।
-AnAlone Krishna
10/09/2015
रास्तो के कंकड़ जब , लगते थे धूल ।
छोटी गलतीयों को नजर अंदाज करने का , करते थे भूल ।।
हर कदम पर सावधानियाँ बरतनें का , पता चला मूल ।
जब हम गिरे , और जिन्दगी गयी बीच में झूल ।।
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