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Day 51: Understanding Myth | Diary of AnAlone Krishna

 __________Day 51__________

Understanding Myth

Once whenever I entered to the classroom, one of my students asked, "Sir, जिन्न होते हैं ना ?"
Then another one said, "ये सब कुछ नहीं होते है। जैसे की भूत भी नहीं होते हैं।"
Then the third one said, "भूत होते हैं। जिन्न और पारियाँ नहीं होती है। मगर भूत होते हैं।"
And they where looking after me. I replied them, "कभी इतने interest के साथ subject से related questions भी पूछ लिया करो।"
The requested together, "Sir, Please…"
I replied, "पहले attendance तो ले लेने दो।"
After finish their attendance, they again requested to tell them. I told them, "जिन्न और पारियाँ fantasy होते हैं और भूत myth."
They asked, "मतलब Sir ?"
I replied, "समझाता हूँ।"

देखो, हम जो भी किसी को सुनाते या बताते हैं वो इन सातों में से कोई एक होता है-
1. सच/truth,
2. किस्सा/tales,
3. गलतगफमी/misunderstanding,
4. मिथ/Myth,
5. कहानी/story,
6. अफ़वाह/rumor,
7. झूठ/Lie.

अब अगर इन्हें समझना है तो जो तुम्हें बताने जा रहा हूँ उसे ध्यान से सुनो और समझने की कोशिश करो। तुम्हारे सामने है गौतम। गौतम bell बजने के पर पानी पीने के लिए अभी नल के पास गया था। यह सच है, सभी को पता है। लेकिन गैतम है शरारती, यह भी सभी को पता है। तो यह आकर एक झूठ बोला, "प्रतीक, जानते हो। अभी हम नल के पास एक साँप देखे थे।"

बीच में गौतम बोला, "Sir, क्यूँ झूठ का अफ़वाह फैला रहे हैं ? हम ऐसा कब बोले ?"
"मैं नहीं बोल रहा हूँ कि तुम ऐसे बोले आकर। मैं बस बोल रहा कि जो मैं बोल रहा हूँ वह मान लो। ताकि जो समझाना चाह रहा हूँ वो अच्छे से समझ सको।"

तो गौतम नल के पास पानी पीने गया था, यह सच है। मगर यह साँप देखा यह झूठ है, अभी तक। अब जैसे मैं यह बोल रहा हूँ कि साँप देखने का बात गौतम आकर बोला है, वैसे ही प्रतीक अब आनंद को बोलेगा कि, "वहाँ नल के पास साँप देखा था।"
फिर पीछे आर्यन को तो हर बात जानने का curiosity रहता हैं। वह आनंद को पूछेगा कि "वह क्या बोल रहा था ?" तब आनंद आर्यन को बताएगा कि, "नल के पास साँप था।"
अब अनुष्का तो है बातूनी। इसलिए वह भी पूछेगी कि, "क्या हुआ ? क्या हुआ ?" तब आर्यन उसको बोलेगा कि, "नल के पास मत जाना। वहाँ साँप है।"
पर अनुष्का को साँप को देखने को मन होगा। तो वह दौड़ कर वहाँ देखने जाएगी। पर उसे वहाँ साँप नहीं दिखेगा, तो वह इधर-उधर देखने लगी। अनुष्का को ऐसे दौड़ कर जाते और इधर-उधर देखते देखकर कविता Ma'am उसके पास जाएगी, और पूछेगी, "क्या हुआ ? क्या देख रही हो ?" तब अनुष्का Ma'am को बोलेगी, "अभी इधर साँप था Ma'am."
कविता Ma'am यब सुनकर अनुष्का को डांट कर वहाँ से भगा देगी, और Guard uncle को बुलवायेगी और बोलेगी, "देखिए, इधर कहीं अभी साँप था। उसको निकालिए नहीं तो किसी बच्चें को काट-उट लेगा।"
ये सब देखकर मौका पाकर गौतम सोंचेगा, "हम तो झूठ बोले थे। लेकिन वहाँ तो सच में साँप है।" वह फिर प्रतीक को बोलेगा, "देखा, हम तुमको बोले थे ना...। हम भी साँप को देखे थे।"
उसके बाद प्रतीक इधर class में सबको बतायेगा कि, "गौतम भी नल के पास साँप देखा था।" उधर guard uncle नल के तरफ साँप खोज-खोज कर परेशान हो रहे होंगे। फिर थक हारकर वह वापस जाने लगेंगे तो पीछे से कविता Ma'am पूछेगी, "साँप को वहाँ से निकाल दिए ?"
Guard uncle के मुँह से अचानक निकल जाएगा, "हाँ Ma'am, निकाल दिए।"
अब बाकी बच्चें जो सुने, वो पूरे school में यह बात फैला देंगे कि, "नल के तरफ साँप घुसा था। Guard uncle निकाले हैं।"
फिर बच्चे जब छुट्टी के बाद घर जाएंगे तो घर बताएंगे, "School में साँप घुसा था। Guard uncle और Sir सब बहुत मुश्किल से निकाले थें।"
यह सुनकर तुम्हारे मम्मी-पापा Director Sir को call करेंगे, "यह सब क्या सुन रहे हैं Sir ? सुने कि नाले से school में साँप घुसा था। वहाँ जाली-वाली लगवाईये। नहीं तो ऐसे कैसे चलेगा ! हम आपके भरोसे अपने बच्चों को वहाँ भेजते हैं।"
फिर तुम्हारे Director Sir मुझसे पूछेगे कि, "Sir school में ऐसा घटना हुआ और आप हमको बताए नहीं।"
तो हम उनको बताएँगे, "कोई बड़ी बात नहीं थी Sir. वह निकल गया था।"
मगर उनको लगेगा कि हम हल्के में ले रहे हैं और वो अगले दिन जाले लगवाने के लिए labor को बुला लेंगे। फिर कोई guardian office आकर यब सब देखेंगे कि तो पूछेंगे कि, "यह सब क्या करवा रहे हैं Sir ?"
वो बताएंगे, "पिछले दिन साँप घुसा था, इसलिए जाली लगवा दे रहे हैं। ताकि आगे से ऐसा ना हो।"

बच्चे बोले, "Sir आप क्या-क्या बोले कुछ समझ में नहीं आया।"
"वहीं अब आगे ध्यान से समझने कि कोशिश करो।"

"गौतम साँप को देखा, यह क्या था ?"
"झूठ।"
"फिर जब प्रतीक और बाकी सब इस बात को एक दूसरे को बताये तो क्या फैला ?"
"अफ़वाह।"
"जब अनुष्का यह सुनी तो वह दौड़ कर साँप को देखने गई। उसको क्या हुआ ?"
"गलतफहमी।"
"कि 'गौतम साँप को देखा' वह क्या है ?"
"सच है।"
"वह सच था ?"
"नहीं, वह झूठ था।"
"पर जब guard uncle साँप निकालने गये, और गौतम फिर से प्रतीक को बोला, तब वह इसको सच मान लिया ?"
"..."
"अरे इस बार प्रतीक सच माना तब ना पूरा class को सीना ठोककर बाद में यह बात बताने लगा। First time तो ऐसा नहीं किया था।"
"पर यह तो झूठ था।"
"लेकिन नल के पास साँप आने की बात सभी करने लगे...। यह अब एक किस्सा बन गया..?"
"हाँ।"
"लेकिन गौतम के साँप देखने की बात क्या थी ?"
"झूठ।"
"तो जब बच्चे घर जाकर यह बात बताये, तो यह किस्सा हुआ या कहानी।"
"Sir किस्सा और कहानी में क्या अंतर है ? दोनों तो एक ही बात है ना...।"
"नहीं। कोई बात अगर सच में हुई है लोग एक-दूसरे को बता रहे हैं, तो किस्सा है। और अपनी कल्पना से बाते बनाकर एक दूसरे को बता रहे हैं जैसे School में साँप घुसने की बात सभी बच्चे अपने-अपने घर मे जाकर नमक-मिर्च लगाकर, यानी कि बढ़ा-चढ़ा कर या मसाला लगाकर सुनाना; इसको कहानी कहते हैं।"
"अब समझ में आ गया Sir. किस्सा और कहानी में अंतर समझ गए।"
"तो... सच, झूठ, गलतफहमी, अफवाह, किस्सा, कहानी समझ में आ गया ?"
"हाँ। और myth क्या होता है Sir ?
"Myth उसको कहते हैं जिसके बारे में यह sure होकर बता ही नहीं सकते हैं कि वह सच है या झूठ।"
"मतलब Sir ?"
"मतलब यह कि, अगर तुमसे कोई पूछे कि बताओ गौतम झूठ बोला था, यह तुम कैसे बोल सकते हो ? हो सकता है कि जब वह गया हो उस वक़्त वह सच में साँप देखा हो। पर जब तक अनुष्का गई, तब तक साँप वहाँ से चला गया हो। क्या यह नहीं हो सकता है ?"
"हो सकता है।"
"तो तुम अब यह बात साबित कर सकते हो कि गौतम झूठ बोला था या सच ?"
"नहीं। उस वक़्त कर सकते थे। पर अब नहीं कर सकते हैं।"
"वैसे ही, वैसी हर एक बात जो तुम पढ़ते/सुनते हो या तुम्हें जानने को मिलता है जिसके सच है या झूठ यह तुम साबित नहीं कर सकते हो, वह झूठ है।"

"तो परियाँ और जिन्न क्या है ?"
"कहानी।"
"तो क्या हुआ ?"
"झूठ।"
"और भूत कभी देखे हो ?"
"Sir, लेकिन लोग बताते हैं कि..."
"खुद कभी देखे हो ?"
"नहीं।"
"साबित कर सकते हो कि यह सच है या झूठ ?"
"Sir, जिसके बारे में साबित नहीं कर सकते हैं कि वह सच है, वह झूठ हुआ ना ?"
"बिल्कुल नहीं। अभी नहीं समझायें ? जिसके बारे में यह साबित नहीं किया जा सकता है कि वह सच है या झूठ, उसको myth कहा जाता है।"
"और fantasy क्या होता है Sir ?"
"story को ही fantasy कहते है। जैसे chocolates में अलग-अलग flavors होते हैं, वैसे ही story का एक flavor fantasy है।"

-AnAlone Krishna
20th February, 2023 A.D.

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