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Friday, October 09, 2020 0 Comments

 कुछ लोग थें जिन्हें मेरी परवाह थी। वो मुझे हमेशा कहते कि, "तुम फालतू में ये सब करने में time waste क्यूँ कर रहे हो ? तुम्हें कुछ हासिल नहीं होने वाला है।" लेकिन मैं उनकी बातों को अनसुना कर देता और इसके लिये वो मुझसे रूठ भी जाते। उन्होंने जो कहा, आज वो सच निकला। मेरे हाँथ आज भी खाली ही है। लेकिन यह कहना कि मुझे कुछ हासिल नहीं हुआ, यह गलत है। मुझे कम से कम अब सुकून तो है, कि मैं कोशिश करके हारा हूँ। अब मैं किसी को यह तो नहीं कहूँगा, कि मैंने अपने अरमान आपके लिए कुर्बान किये हैं। मुझे अब किसी से शिक़ायत तो कम से कम नहीं होगी।

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