● यह हँसी की ही बात है कि किसी ने मेरा मुँह बंद कर दिया। ●
आज मैंने अपने इसी facebook page पर एक post किया 
जिसमें मेरा उद्देश्य था कि मैं हर एक parents को criticize करके इस बात के लिए प्रेरित कर सकूँ कि,
जिस तरह हमारे INDIAN society and culture में बेटों को काबिल बनाने की कोशिश की जाती है, उसी तरह जिस पैसे को अपनी बेटी की शादी में दहेज देने के लिए जोड़ा जाता है उसी पैसे से parents अपनी बेटियों को भी योग्य बनाने की कोशिश करें, और अपनी बेटी के लिए किसी कामयाब, घमंडी, स्वार्थी, लालची इंसान से शादी करवाने की जगह किसी काबिल तथा समझदार लड़के शादी करवाये, जो कि उनकी बेटी की योग्यता को समझे और सम्मान करें।
No dough, कम शब्दों के प्रयोग के कारण इसमें कई perspective से कई problems सामने आ सकते थे, और आये भी। मैं उनका शुक्रियादा करता हूँ जिन्होंने इस विषय मे अपना पक्ष रखा।
परंतु, मैं उससे भी ज्यादा उन सभी का सम्मान एवं शुक्रियादा करता हूँ जिन्होंने मेरे post के साथ-साथ उसपर सभी comments and मेरे replies को पढ़कर सभी problems पर मेरे thoughts और solution को समझने की कोशिश किया। आपने सभी को पढ़ा इसके लिए मैं आपका और आप सभी का तहे दिल से धन्यवाद करता हूँ।
परन्तु, मैं इतना महान तो नहीं ना कि मैं हर comment का प्रतिउत्तर दे सकूँ, मैं हर problem का solution ढूंढ सकूँ। वैसे भी मेरे अनुसार अगर मैंने उसके आगे कुछ प्रतिउत्तर दिया तो मैं उस post के विषय से भटक जाऊँगा।
तो यदि आप/आप सभी के पास उस तर्क का कोई बेहतर reply हो, तो वो public post है इसलिए आप भी कर सकते हो, या आप separate खुद का comment कर सकते हो।
• वैसे, यह हँसी की ही बात है कि किसी ने मेरा मुँह बंद कर दिया। 






10 October, 2020 A.D.
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