जिनको यह शिकायत होती है कि सिर्फ लड़कियों को ही अपना घर छोड़ कर किसी अंजान घर में अंजान लोगों के बीच जाकर पूरी जिंदगी बितानी पड़ती है, पराये घर में, जहाँ उन्हें बराबरी का सम्मान नहीं मिलता। जहाँ उन्हें सिर्फ इसलिए जगह दी जाती है कि वह उस घर की किसी सदस्य की पत्नी है, उनकी कोई अहमियत नहीं। यह उनके लिए-
"इतनी शिकायतें..! पता है, आपके पास मौका है, अपने goodness से उस घर में जहाँ आपका अपना कोई नहीं, उनके दिल में इस कदर जगह बनाने का कि जो घर छोड़ कर आई है वो बहु जो दूसरे घर से लाया है उस बेटे से ज्यादा अजीज हो जाये। Life test लेता है, फिर शाबाशी देता है। आप तो उसके इम्तेहान के शुरआत में ही शिकायतों का पिटारा लेकर बैठ गई।"
पता है, life में बहुत competition किये है- हम top करेंगे, हम top करेंगे, हम teacher के खास student होंगे, हम सबसे अच्छे बेटे, भाई, दोस्त होंगे, etc. तो एक competition यह भी तो होना ही चाहिए कि इस married life में सबसे ज्यादा तारीफें, सबका प्यार और सम्मान, मुझे ज्यादा मिले। बाद में बराबर बांट लेंगे, लेकिन मुझे ज्यादा मिले। 
13th October, 2020 A.D.
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