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मैंने माफ किया, कृष्ण कुणाल की लिखी कविता

मैंने माफ किया, कृष्ण कुणाल की लिखी कविता

* मैंने माफ किया * (अपने दर्द के अहसास को बयां करते हुए अंत मे इससे उभरने की कोशिश और औरों को माफ करने अहसास के साथ) कृष्ण कुणाल की कविता ...

  बुरा वक्त कभी टलता नही , बस इंतजार करता रहता है हावी होने का । एक समस्या सुलझता नही कि दूसरा तैयार रहता है दस्तक देने के लिए । दुःख ही जिन...

  Aksar khud ke baare me yaad dilana padta hai logo ko, warna wo hame bhool jate hain. Ab dekho na hamare mammy-papa apne classmates ka kavi...
हमदर्द सा कोई, भाग-१

हमदर्द सा कोई, भाग-१

पद्य-१  ●  हमदर्द सा कोई  ●   भाग-२ भाग-१ "मैं कुछ सुनना नही चाहती | मुझे लगा था कि हम दोस्त हैं| पर लगता है तुम कुछ और ही समझ रहे ...

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