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  Jane aisi kya kami,dil ko hamesha khalti rahti hai. Jiske chalte hum savi kisi saathi ki talash karte rahte hai. Par kavi yah kami door hi...
मेरी मदद करो, कृष्ण कुणाल की लिखी कविता बिछड़ते दोस्तों के याद में।

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..मेरी मदद करो.. (बिछड़ते दोस्तों के याद में लिखी गई कविता) -AnAlone Krishna. ..मेरी मदद करो.. . अकेला हूँ मैं यहाँ, जाने तू है...

  रास्तो के कंकड़ जब , लगते थे धूल । छोटी गलतीयों को नजर अंदाज करने का , करते थे भूल ।। हर कदम पर सावधानियाँ बरतनें का , पता चला मूल । जब हम ...

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