एक किस्सा-
मेरे सामने दो लड़के थे- एक मासूस और एक शरारती। शरारती लड़का हमेशा मासूम को तंग करता कि "तुम्हारे लिए हमेशा मेरे यहाँ room खाली है रे, कभी भी किसी को लेकर आ जाओ।" फिर एक दिन शरारती लड़का भड़का हुआ मासूम को डांट रहा था कि "तुम मुझे वैसा आदमी समझ लिया है क्या..? मैं तुमसे मजाक करता था तो क्या तुम सच में लेकर आ जाओगे..?"
Actually वो मासूम लड़का सच मे बहक कर किसी को लाने का plan बना लिया और उससे बोला, "room चाहिए, दिलाएगा क्या..?"
कहने का अर्थ यह है कि, आपकी बातें किसी की मानसिकता पर क्या असर कर सकता है यह आप नही समझ सकते। इसलिए कुछ भी कहने से पहले सोंचे। Criminal कोई एक रात में नहीं बनता, ना ही माँ की कोंक से बनकर पैदा होता है। समाज उसके दिमाग मे वैसी-वैसी बाते डालकर उसे धीरे-धीरे बनाता है। इसलिए कुछ भी बोलने और करने से पहले सतर्क रहें।
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