To
Dear Uncle,
बचपन से हमें एक दूसरे पर इतना ज्यादा depended रहना क्यूँ सिखाया जाता है ? Marxist literature में हमने पढ़ा था कि हमारा यह patriarchal society ने हमारी mentality ही ऐसी बना रखी है कि हम अपने से छोटे, खासकर लड़कियों पर जिन्हें हम कमजोर समझते हैं, उनपर अपना वर्चस्व झाड़ने में बस लगे रहते हैं।
एक glass पानी जो कि हमारे सामने या कुछ ही कदम दूर हो और शायद हम यूँ ही बैठे हो या फिर कोई काम अगर हम कर भी रहे हो तो भी हमको एक से दो min सिर्फ लगेंगे उसे उठाकर पीने में फिर भी हम इसके लिए किसी को आवाज लगाएंगे और 3 min wait करेंगे उंसके आने फिर में 2 min 1 glass पानी लाने में। हम इस रूढ़िवादी समाज के तौर तरीकों को मानते मानते इतना किसी पर depended and lazy क्यों हो गए है कि हम जो काम अगर हम किसी को बिना कुछ बोले हम अपना 2 min में कर सकते हैं उसके लिए 5min तो waste करते ही हैं साथ ही किसी और का भी time waste करते हैं? जिस time में कोई अपना कुछ और काम को भी कर सकता है...
आपके साथ situation different है। मगर बाकी जो सही सलामत है उनके साथ...

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