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Kissa 14: Maybe I'm not a good teacher. | Diary of AnAlone Krishna

 Kissa 14:-

Maybe I'm not a good teacher.

आज मैं class 8 में पढ़ा रहा था। तब कुछ दूसरे class के बच्चें दरवाजे के पास आकर ताक-झांक कर रहे थे। जब मैं दरवाजे की तरफ देखता तो वो छुप जाते, और उसके तरफ जाता तो बरामदे से भाग जाते। मेरी एक आदत है- अगर किसी बच्चें को पढ़ने में interest है और वह किसी और class या section का भी है, तो भी मैं उसे class में बैठ कर पढ़ने का मौका देता हूं उसके interest को देखते हुए; और अगर किसी को पढ़ने का मन ना हो तो चुपचाप उठ कर बाहर चले जाने का भी मौका देता हूं। मैं बार-बार दरवाजे की तरफ जाकर irritate हो गया, इससे class disturb हो रहा था। इसलिए मैं उन्हें फिर ignore करते हुए पढ़ाने लगा। तब कुछ बच्चियां बोली, "Sir, देखिए ना वो लड़के वहां से खड़े होकर हमलोग को देख रहे हैं।"
मैंने उन लड़कों से irritate होकर उन लड़कियों से कहा, "तुमलोग को पढ़ने में interest है ?"
बच्चियां, "हां है, Sir."
मैं, "तो फिर तुमलोग का ध्यान दरवाज़े पे नहीं बल्कि मुझपर और blackboard पे होना चाहिए।"
बच्चियां, "लेकिन वो लड़के बार-बार वहा आ जा रहे हैं और disturb कर रहे हैं।"
मैं, "तो फिर एक काम करो, वो तुम्हें अभी disturb कर रहे हैं। तुम उन्हें पूरा दिनभर के लिए, पूरा सप्ताह के लिए, हमेशा के लिए disturb कर दो।"
बच्चियां, "कैसे Sir ?"
मैं, "बस smile करके।" थोड़ा रुककर, "बर्बाद ही कर दो उन्हें। लेकिन ध्यान रहे, बर्बाद उन्हें करना, खुद को नहीं। Disturb उन्हें करना, खुद को नहीं।"
उनमें से कोई बच्ची, "तो Sir आपको भी देखकर जब हमलोग मुस्कुराते हैं तो आप भी disturb होते हैं ?"
मैं, "यह मुझपर काम नहीं करेगा।"
फिर से वही, "क्यों Sir ?"
मैं, "जो तुम्हें emotions के साथ खेलना सीखा रहा है, तुम उसी के साथ खेलने की कोशिश करोगी ? यह समझो ना, कि जो तुम्हें आज किसी के feelings के साथ खेलना सीखा रहा है वो खुद इसमें master होगा, कभी खिलाड़ी रहा होगा तभी तो आज इसका coach है। और तुमलोग मेरे साथ ही खेलने की कोशिश करोगी !
अब topic से ज्यादा मत भटकों वापस topic में आओ। और अगर फिर कोई दरवाज़े के पास आके disturb करने की कोशिश करे तो...?"
बच्चियां एक साथ, "उसपर ध्यान नहीं देना है। ध्यान सिर्फ board पे देना हैं।"
और फिर मैं class continue लेता रहा।

-AnAlone Krishna
1st August, 2024A.D.

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