आध्यात्म = अध्ययन + आत्म (स्वयं)
आध्यात्म और श्रद्धा में जमीन आसमान का अंतर है।
जहां हम श्रद्धा/आस्था किसी के प्रति रखते हैं। किसी चरित्र, व्यक्ति, ग्रंथ, विचारधारा, रीति, आदि के..। वहीं आध्यात्म स्वयं से अध्ययन करके स्वयं के अध्ययन के आधार, परिणाम, विश्लेषण पर विश्वास करना हैं।
अतैव, आध्यात्म वो गंतव्य हैं जहां नास्तिकता के पड़ाव को पार करके आना पड़ता है।
श्रद्धा/आस्था से अंधविश्वास का जन्म हो सकता है। परंतु आध्यात्म से अंधविश्वास कभी जन्म नहीं ले सकता। क्योंकि आध्यात्म स्वयं से ज्ञान के प्रकाश की खोज करके स्वयं की अज्ञानता को दूर करना सीखाता है। हां आध्यात्म से गलतफहमी जरूर हो सकती है मनुष्य को, क्यूंकि स्वयं का विश्लेषण जरूरी नहीं कि हमेशा सही ही हो। परंतु आध्यात्म से अंधविश्वास कभी नहीं हो सकता है।
-AnAlone Krishna
12 September, 2023 A.D.
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