"जो कुछ भी मैंने किसी social media या अपनी literary works के through कभी post किया है; मेरी सोंच, समझ, धारणाएं, समझदारी, आदि वैसी तब रही जिस वक़्त/उम्र में मैंने वो post किया है। समय के साथ बढ़ते ज्ञान और अनुभव के साथ-साथ व्यक्ति बदलता है, मैं भी अब जरूरी नहीं कि वैसा ही रहूँ या मिलूँ जैसा कभी हुआ करता था।
वो सब बस यह बताते हैं कि मैं तब कैसा था, मैं अब कैसा हूँ इसके लिए मेरे वर्तमान को जानना होगा।
यह सब मैं इसलिए लिखकर post करते गया हूँ, ताकि मुझे बीच-बीच में अपना अतीत remind होता रहे कि मैं पहले क्या था और अब क्या हूँ। ताकि मैं भविष्य में यह बात समझ सकू कि ना मैं कभी perfect था, और ना अब हूँ। बस हमेशा मुझे खुद को better बनाने की कोशिश करते रहनी चाहिए। और मुझे यह बात समझनी चाहिए कि अगर कोई मेरे सामने immature behave कर रहा है तो उसके पीछे का कारण उसका ज्ञान और अनुभव का कम होना है। जिसके लिए मुझे उसकी मदद करनी है, उसे judge नहीं करना है।"

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