I, Krishna, present you here, my 100+ literary works—poems and stories. I hope, I shall plunder your heart by these. Let you dive into my imaginary world. I request you humbly to give your precious reviews/comments on what you read and please share it with your loved ones to support my works.

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"Life की परछाई: Chapter 4Chapter 5Chapter 6Chapter 7 • Chapter 8 • Chapter 9" has published on 8th August, 2025. Page के सबसे अंत में UPI QR code लगा हुआ है, अगर आप मेरे काम को अपने इक्षा के अनुरूप राशि भेंट करके सराहना चाहते हो तो, आप उसे scan करके मुझे स्वेक्षित राशि भेंट कर सकते हो। जो आप वस्तु भेंट करोगे, वो शायद रखा रह जाए, परंतु राशि को मैं अपने जरूरत के अनुसार खर्च कर सकता हूँ। ध्यानवाद !
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Day 75 | Diary of AnAlone Krishna

__________Day 75__________
To the sisters and friends,

आमतौर पर-
• लड़कियों की दुनियाँ चार दिवारी के अंदर होती है। जो उस घेरे के अंदर होता है, बस वो ही उसकी दुनियाँ होती है।

• और, लड़कों का दुनियाँ एक खुला असमान होता है। वो अपनी दुनियाँ में किसी को भी आने-जाने से नहीं रोकते हैं।

जब ये दोनों प्रेम में पड़ते हैं-
• लड़का अपनी प्रेमिका को उन तमाम boundaries से निकालकर खुला असमान देने की कोशिश करता है।
• जबकि लड़की अपने प्रेमी से यह उम्मीद रखती है कि वह उसकी तरह limitations में रहे ताकि उसका परिवार और समाज उसके प्रेमी को पसंद करे और accept करे।

लड़कियों का ऐसा जीवनशैली पुरुष सत्तात्मक समाज ने बनाया है, और अंत में फिर पुरुष भी इस दलदल में फंसते है।

जितने भी भाई-बंधु जब इस बात को समझे, वो अपनी बेटी और बहनों को उन boundaries से निकालकर खुला असमान देने की कोशिश किए। अब इसके बाद उन लड़कियों को चुनने की बारी होती है कि वो अपने लिए खुला असमान चुने या boundaries में ही वो अपना सुख ढूंढे।

अगर आपके पिता, भाई, पति आपको बाहर पढ़ने के लिए निकलने दे रहे हैं; वो आपको अपने comfort के कपड़ों को पहनने से नहीं रोक रहे हैं; समाज के वो ताने जो आपके कानो में पड़ती है तो आप गुस्सा हो जाती हो, वो उन्हें सुनकर इसपर आपके ऊपर कोई negative प्रतिक्रिया नहीं देते हैं; वो आपको अपने खुद के ख्वाब देखने से नहीं रोकते हैं; वो आपकी पसंद पूछते हैं, अपनी पसंद आपके ऊपर थोपते नहीं है; उन्हें बहुत बुरा लगेगा जब वो यह देखेंगे कि जिस limitations को तोड़कर वो आपको खुला असमान अपनी उड़ान भरने के लिए यह पूरी दुनियाँ देने की कोशिश कर रहे थे, आप वापस उसी boundaries/पिंजरे/घोंसले में आकर बस गई हो जहां से वो आपको निकालना चाह रहे थे। उन्हें यह जीवनभर लगेगा कि आप उनके त्याग और संघर्ष को waste कर दी। इससे अच्छा होता कि वो आपके ऊपर अपनी मेहनत, time और पूरी जिंदगी waste करने के बजाय आपको भी रहने देते वैसे ही हाल में जैसे आमतौर पर बाकी औरतें रहती है। जन्म लेकर बचपन में गुड्डे-गुड़ियों के खेल में शादी और बच्चों से शुरू होकर उनके और फिर उनके बच्चों के शादी और उनके बच्चों तक चलता रहता है, और इसके अलावा उनके जीवन में और कुछ नहीं होता।


-AnAlone Krishna.
14th June, 2025 A.D.


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