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Day 74: What a coincidence ! | Diary of AnAlone Krishna

 __________Day 74__________

What a coincidence !

अभी मैं dream देख रहा था। मेरे दोस्त, गुंजन का पिछले दिन जन्मदिन था, पर वो अपने office work में busy था इसलिए हमें time नहीं दिया। आज Monday था तो मैं और कोई उसका room गए हुए थे। वहां उसकी gf पहले से ही थी। फिर जब हम बातें कर रहे थे, तो उसके लिए एक बड़ा सा gift का पार्सल आया। मुझे समझ नहीं आया, मुझे लगा कि यह वह अपनी gf को surprise देने के लिए different style में मंगवाया होगा। फिर उसके पीछे और एक बड़ा सा पार्सल आया, फिर और एक, फिर और एक। मैं यह देख के ऊब गया और गुंजन को बोला, यार तुम बहुत romantic-romantic करने का मन कर रहा है तो तुमलोग आपस में लगे रहो। मुझे awkward feel हो रहा है, मैं जा रहा हूँ। यह सुन के वो जो gents पार्सल लेकर आए थे, वो हँसने लगे और उसके बाद कुछ महिलाएं भी अंदर आई। इससे पहले कि मुझे कुछ समझ आता, वो बोले कि गुंजन अपनी family को अपनी gf से introduce करवाने के लिए बुलाया है। फिर वो cake वगैरह निकले और table पर रखे। मैं बोला कि ताम झाम अजीब लगता है (cake ke चारों को उंगली से round करते हुए) जब ये सब खत्म हो जाएगा तो मुझे बुला लीजिएगा। यह बोलकर मैं गुंजन का चप्पल पहन कर बाहर चला गया और बाहर के कैफे में जाकर बैठ गया।

Waiter आया और मुझसे पूछा कि मुझे आज क्या चाहिए। पर क्योंकि मैं अकेले था और खुश भी, तो order देने से पहले ऐसे ही इधर उधर नज़र randomly घुमाया। मैं दाहिने ओर पीछे देखा तो तो road के उस पार के table पर मेरी Season 👑 की दोनों सहेलियां हँसते हुए बातें करते हुए बैठने जा रही थीं। मुझे संदेह हुआ और यह सच भी की उसके पीछे Season 👑 भी उसके पीछे साथ आई। वह जैसे ही बाई दिवाल से निकली और मैं उसे देख डर से मैं वापस मुड़ गया और उनकी ओर पीठ करके बैठे गया। ताकि उनकी नज़र मुझपर ना पड़े। और फिर waiter को अपना order दिया।

जब मैं अपना order खत्म करने ही वाला था कि गुंजन मेरे पास आकर सामने खड़ा हुआ और बोला, "यार नज़ारा यहां से देखने लायक है और तुम उधर पीठ करके बैठे हो।" मैं उसके सामने अंजान बनते हुए बोला, "क्या !" वह बोला, "पीछे देखो। तुम कितना कुछ miss कर दिया।" गुंजन को शक ना हो इसलिए Season 👑 के table को छोड़कर पहले बाकी दूसरे जगह नज़र घुमाया ताकि उन्हें ऐसा ना लगे कि मुझे पहले से पता था कि वो कहा पे बैठे है। जब मैं randomly अपना नजर घुमाया, Season 👑 के table के पीछे की चार सीढ़ियों को उतरने के बाद वाले indoor café में Smiley अपनी सहेली के साथ बात करते हुए आई और और बैठने जा रही थी। मेरे मुँह से अनायास ही निकल गया, "What a coincidence !"
कि तभी आपस में बाते करती हुई Season 👑 का नजर मुझपर पड़ा, मेरी नज़र Smiley पर गई कि क्या उसका भी ध्यान मेरे ऊपर आ गया। यह देखकर Season 👑 अपने पीछे देखी कि मैं किसे देख रहा हूँ, वह देखी Smiley को। जब हमारी बातें होती थी, Season 👑 जानती थी कि मैं कभी Smiley के लिए क्या feel करता था। मैं गुंजन को देखकर बोला, यहां situation ज्यादा awkward हो रहा है, चलो चलते है। पर वो मुझे दोबारा पीछे मुड़कर देखने का इशारा किया। मैं पीछे मुड़कर देखा तो Season 👑 मुझसे पहले अपना decision ले चुकी थी। वह अपने table से उठकर अपनी दोनों सहेलियों के साथ Smiley के पास जाकर खड़े होकर थोड़ा झुककर कुछ बात कर रही थी।

मैं गुंजन के साथ गया, उसके कमरे में cake का एक bite लिया और वहां से अपनी bike लेकर निकल गया। वहां से निकलते हुए देखा कि वो पाँचो वहां पर नहीं थी। मुझे वहाँ से जाते time मेरे teachers competitive exam के group का call आया। वो मुझे बुलाए और मैं उनके बताए destination पर पहुँचा। जब मैं bike से उतरते time पीछे मुड़ा तो देखा कि मेरे सामने road के उस पार restaurant के अंदर Smiley, Season 👑 और उनकी तीनों सहेली बैठी हुई बातें कर रही थी। मेरे मुँह से अपने आप ही निकल गया, "धत तेरी की ! अब फिर से नहीं।" मैं समय गंवाते बिना turant पीछे मुड़ा और अंदर चला गया ऊपर terrace café में जाने के लिए। मेरे दोस्त मुझे किनारे वाले table में ले गए जहां से road और road के उस पार clearly दिखता था। मैं नीचे restaurant में उनके table पर देखा तो वो वहां अब भी बातें करते हुए बैठी ही थी। Smiley की नज़र मेरी ओर आई, और पर वो non stop बाते करती ही रही। यह देखकर मैं उधर left face करके बैठ गया और अपने दोस्तों के साथ discuss करने लगा।

यार, मुझे इतने दिनों बाद और अब क्यों ऐसा dream आया ! जब मैं उनके साथ था, तब मुझे कभी भी उनका dream नहीं आया। जब वो मुझे just छोड़ी थी, मुझे बहुत ज्यादा taklif था, उस वक्त भी मुझे उनका dream नहीं आया। और जब वो अपने-अपने life में बहुत आगे निकल चुकी है, तो मुझे उनका dream आया। गुंजन तो अब भी है life में, पर वो दोनों... उनके मुझे छोड़े कई साल बीत चुके है। जब मैं खुली आँखों में उनके लिए ख्वाब सजाता था, तब वो मेरे ख्वाबों में नहीं आई। अब मैं जब उन्हें याद करना छोड़ चुका हूँ, तो वो मेरे ख्वाबों में आना शुरू कर दी है। और ख़्वाबों में आकर उसमें भी मुझे ignore करके मुझे तकलीफ़ हो दे रही है।

-AnAlone Krishna
9th June, 2025 A.D.

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