किसी लड़के का किसी लड़की की ओर आकर्षित होना या किसी लड़की का किसी लड़के की ओर आकर्षित होना; यह प्रकृति है। प्रकृति ने हमें ऐसा बनाया है कि यह होगा ही। लेकिन, इस attraction को accept करना है या नहीं करना है, यह हमारा खुद का choice होता है। और अगर हम इस attraction को choose करते हैं, तो कितना close जाना है और कितना distance maintain करना है, यह हमारा decision होता है। यह हमारा खुद का decision होता है। बस अंतर इतना पड़ता है कि कोई खुद के लिए decision making में कितना mature है। क्यूँकि इसे करने के वक़्त- वक़्त, हालात और सामने वाले person के भाव का सही समझ होना बहुत जरूरी होता है। जिसे वह इंसान जो खुद के लिए कोई decision लेने के योग्य नहीं और उसके life का decision हमेशा कोई और लेते आया हो, वह नहीं कर सकता।
2nd January, 2021 A.D.
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