Saturday, September 18, 2021
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● आईने ढूँढ़ रहा हूँ मैं... ● (जब मैं अपनी असफलताओं से हारा हुआ महसूस करने, और खुद को कैसे हताश होने से बचाया, या यूँ कहूँ तो खुद को संभालकर ...
Thursday, December 24, 2020
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• बारिश चाहता है • (उदास मन से रोने की चाहत में जब आँखे बंद हो और आँखों से आँसू छलकने की जगह आँखें सूखी-सूखी महसूस हो) कृष्ण कुणाल की कविता...
Sunday, December 06, 2020
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अच्छा लगेगा क्या ? (इस बात का reply कि, "चल वो नहीं मिली तो उसके जैसी और मिल जाएगी।" Also story behind this poem is available on t...
Sunday, December 21, 2014
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*याद तुम्हारा* (अपने बिछड़े हुए दोस्तों के याद में) -कृष्ण कुणाल की लिखी हुई कविता- *याद तुम्हारा* खोया-खोया मन, खोया-खोया जहां...