आपसी झगड़ों के मसला यही है कि आप अपना किसे मानते हो - अपनी पीढ़ी को, परिवार को, वंश को, जाति को, समुदाय को, धर्म को, देश को, राष्ट्र को, समाज को, पूरी श्रृष्टि को, या सिर्फ स्वयं को ।
जो जितने को अपना मानता है, उतने के लिए ही संघर्ष करता है।जिस तरह आपने सिर्फ अपनी पीढ़ी को अपना मानकर अपने भाई से झगड़ा किया, तो अब अगर आपके बच्चे भाई भाई में लड़ रहें हैं तो आपको तकलीफ तो होगी ही।
अपने अपने पिता के वंश को अपना मानकर चाचा-ताऊ के वंश से झगड़ा किया, आज आपके भाई का वंश के बच्चें आपके वंश को दबाने की कोशिश कर रहे हैं तो आपको तो तकलीफ होगी ही।
जो बोओगे, वही मिलेगा ना।
-AnAlone Krishna
24th May, 2024 A.D.
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