नास्तिक एक आध्यात्मिक हो सकता है। आस्तिक के लिए यह बात मानना थोड़ा कठिन है, परंतु वह इसे समझ सकता हैं। क्योंकि आस्तिक को यह बात पता होता है कि उसी की तरह नास्तिक के भी जीवन दर्शन, सिद्धांत उसके अपने अनुभव और ज्ञान पर निर्भर करता है। परंतु किसी अंधविश्वासी के लिए इस बात को समझना बड़ा ही कठिन हैं। उसके लिए इस बात को मान पाना अकल्पनीय हैं, क्योंकि उसके अपने कोई जीवन दर्शन नहीं होते बल्कि वह जीवन भर दूसरों के सिद्धांतों का अनुशरण करता रहता है। उसके अपने स्वयं के अनुभव से ज्ञान प्राप्त करके अपने जीवन को आकर देने की छमता उसके अंदर विकसित नहीं हुई होती है। इसलिए एक आस्तिक किसी नास्तिक को समझ सकता है परंतु अंधविश्वासी के पास यह छमता नहीं होती है।
-AnAlone Krishna
15th December, 2023 A.D.
-AnAlone Krishna
15th December, 2023 A.D.

Post a Comment
I am glad to read your precious responses or reviews. Please share this post to your loved ones with sharing your critical comment for appreciating or promoting my literary works. Also tag me @an.alone.krishna in any social media to collab.
Thanks again. 🙏🏻