• मेंढ़क और बतख की कहानी •
आज मैं राजकीय प्राथमिक विद्यालय, रुण्डई में बच्चों का test ले रहा था। इस वक्त बच्चों को questions समझ में नहीं आ रहे थे, तो उन्हें समझा भी दे रहा था। इसके बाद वो answer पूछ रहे थे। अब उन्हें मैं exam के बीच तो answer बता नहीं सकता था, इसलिए एक छोटा सा story सुनाया-
एक गांव में एक सड़क था, और उस सड़क के ऊपर एक छोटा नाला था। गांवों में अक्सर यह देखने को मिलेगा कि सड़कों के बीच से गड्ढे करके नाला गुजारा जाता है, जिसमें कीचड़ बहता रहता है। एक बार एक बतख और एक मेंढक उस रास्ते से मेला घूमने जा रहे थे। पर बीच में नाला आने पर वो रुक गए, और सोंचने लगे कि इसे हम पार कैसे करें। तभी एक छोटा बच्चा उछलता-कूदता वहा आया और उछल कर उस नाले को पार कर गया। वह मेंढक भी शरारती था। इसलिए जब बच्चे को उछलते हुए देखा तो साथ-साथ वह भी पीछे-पीछे कूद कर नाले को पार हो गया। पार होते वक्त उसे कुछ भी समझ नहीं आया, पर जब वह देखा कि साथ-साथ कूदने पर वह पार हो चुका है तो वह काफी खुश हुआ, वह समझ गया कि "अच्छा..! ऐसे होते हैं नाले के पार !" मेंढक सोंचा कि बतख तो मुझसे ज्यादा समझदार है, वह समझ गया होगा कि नाले को कूदकर पार करते हैं। इसलिए मेंढक पीछे मुड़कर बतख को देखा, और बतख को आने का इशारा करते हुए खुद को चार कदम नाले से दूर पीछे किया। पर बतख को यह बात समझ में नहीं आया। बतख सोंचा कि मेंढक तो नाले के पार चला गया है और अब मुझे अकेले छोड़कर मेला घूमने चला जायेगा। इसलिए बतख आव देखा ना ताव, अपना धोती ऊपर किया और नाले को पार करने चल दिया। इससे बतख के पूरे पैर में कीचड़ लग गया। इसलिए देखते हो मेढ़क हमेशा उछलते कूदते रहता है, और बतख के पैर में कीचड़ लगा हुआ होता है ?
बच्चे reply दिए, "जी Sir...।"
इससे पहले कि बच्चे आगे कुछ और बोलते और मुझसे अपनी जिज्ञासा पूछते मैंने उन्हें topic में रखने किए रोक दिया और समझाया, "बस...। इसी तरह जब मैं questions समझा रहा था, जो बच्चा ध्यान दिया होगा उसको तुरंत answers उसी समय समझ में आ गया होगा। जो बतख की तरह ध्यान नहीं दिया होगा, उसको मैं answer थोड़ी ना बताऊंगा। तुमलोग का exam चल रहा है। जब exam खत्म हो जायेगा उसके बाद पूछना, बता दूंगा।"
अनूप बोला, "exam के बाद बताइयेगा तो क्या काम देगा Sir ?"
श्रृष्टि बोली, "बप्पा...! ई मास्टरवा जखन समझाओ होलो तख्खन धीयान दियेक हेलइ।"
आशीष बोला, "हम ध्यान दे रहे थे Sir. जब आप समझा रहे थे उसी time सब answer में tick भी लगा लिए।"
मैंने उससे पूछा, "तुम्हारा हो गया ? Copy जमा करोगे ?"
आशीष बोला, "Sir रुकिए थोड़ा, मिला लेने दीजिए।"
Message- "समझदार के लिए इशारा काफी है, और अपने गुरुर में ध्यान ना दो तो समझदार भी fail है, यानी कुछ सीख नहीं पाएगा।"
Kissa happened in my teaching period of 30th September, 2023
-AnAlone Krishna
Published on 2nd October, 2023 A.D.
Content list of my all diary posts, and Kissas of my teaching experience is available on given link 👇
आज मैं राजकीय प्राथमिक विद्यालय, रुण्डई में बच्चों का test ले रहा था। इस वक्त बच्चों को questions समझ में नहीं आ रहे थे, तो उन्हें समझा भी दे रहा था। इसके बाद वो answer पूछ रहे थे। अब उन्हें मैं exam के बीच तो answer बता नहीं सकता था, इसलिए एक छोटा सा story सुनाया-
एक गांव में एक सड़क था, और उस सड़क के ऊपर एक छोटा नाला था। गांवों में अक्सर यह देखने को मिलेगा कि सड़कों के बीच से गड्ढे करके नाला गुजारा जाता है, जिसमें कीचड़ बहता रहता है। एक बार एक बतख और एक मेंढक उस रास्ते से मेला घूमने जा रहे थे। पर बीच में नाला आने पर वो रुक गए, और सोंचने लगे कि इसे हम पार कैसे करें। तभी एक छोटा बच्चा उछलता-कूदता वहा आया और उछल कर उस नाले को पार कर गया। वह मेंढक भी शरारती था। इसलिए जब बच्चे को उछलते हुए देखा तो साथ-साथ वह भी पीछे-पीछे कूद कर नाले को पार हो गया। पार होते वक्त उसे कुछ भी समझ नहीं आया, पर जब वह देखा कि साथ-साथ कूदने पर वह पार हो चुका है तो वह काफी खुश हुआ, वह समझ गया कि "अच्छा..! ऐसे होते हैं नाले के पार !" मेंढक सोंचा कि बतख तो मुझसे ज्यादा समझदार है, वह समझ गया होगा कि नाले को कूदकर पार करते हैं। इसलिए मेंढक पीछे मुड़कर बतख को देखा, और बतख को आने का इशारा करते हुए खुद को चार कदम नाले से दूर पीछे किया। पर बतख को यह बात समझ में नहीं आया। बतख सोंचा कि मेंढक तो नाले के पार चला गया है और अब मुझे अकेले छोड़कर मेला घूमने चला जायेगा। इसलिए बतख आव देखा ना ताव, अपना धोती ऊपर किया और नाले को पार करने चल दिया। इससे बतख के पूरे पैर में कीचड़ लग गया। इसलिए देखते हो मेढ़क हमेशा उछलते कूदते रहता है, और बतख के पैर में कीचड़ लगा हुआ होता है ?
बच्चे reply दिए, "जी Sir...।"
इससे पहले कि बच्चे आगे कुछ और बोलते और मुझसे अपनी जिज्ञासा पूछते मैंने उन्हें topic में रखने किए रोक दिया और समझाया, "बस...। इसी तरह जब मैं questions समझा रहा था, जो बच्चा ध्यान दिया होगा उसको तुरंत answers उसी समय समझ में आ गया होगा। जो बतख की तरह ध्यान नहीं दिया होगा, उसको मैं answer थोड़ी ना बताऊंगा। तुमलोग का exam चल रहा है। जब exam खत्म हो जायेगा उसके बाद पूछना, बता दूंगा।"
अनूप बोला, "exam के बाद बताइयेगा तो क्या काम देगा Sir ?"
श्रृष्टि बोली, "बप्पा...! ई मास्टरवा जखन समझाओ होलो तख्खन धीयान दियेक हेलइ।"
आशीष बोला, "हम ध्यान दे रहे थे Sir. जब आप समझा रहे थे उसी time सब answer में tick भी लगा लिए।"
मैंने उससे पूछा, "तुम्हारा हो गया ? Copy जमा करोगे ?"
आशीष बोला, "Sir रुकिए थोड़ा, मिला लेने दीजिए।"
Message- "समझदार के लिए इशारा काफी है, और अपने गुरुर में ध्यान ना दो तो समझदार भी fail है, यानी कुछ सीख नहीं पाएगा।"
Kissa happened in my teaching period of 30th September, 2023
-AnAlone Krishna
Published on 2nd October, 2023 A.D.
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