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"Life की परछाई: Chapter 4Chapter 5Chapter 6Chapter 7 • Chapter 8 • Chapter 9" has published on 8th August, 2025. अगर आपको online reading में असुविधा होती है, और आप इसे printed form में पढ़ना चाहते हो, तो post के bottom में दिए 'Download and Print' button को click करके आप उसका printout करवा लेना। जिसमें 'Download and Print' button नहीं है उसके लिए आप 'Google form' को भरकर मुझे send कर दो, मैं आपको pdf भेज दूंगा। इसके अलावा सबसे अंत में UPI QR code भी लगा हुआ है, अगर आप मेरे काम को अपने इक्षा के अनुरूप राशि भेंट करके सराहना चाहते हो तो, आप उसे scan करके मुझे राशि भेंट कर सकते हो। जो आप वस्तु भेंट करोगे, वो शायद रखा रह जाए, परंतु राशि को मैं अपने जरूरत के अनुसार खर्च कर सकता हूँ। ध्यानवाद !
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Day 56 | Diary of AnAlone Krishna

 __________Day 56__________


आज मैं सुबह-सुबह बहुत अजीब चीज सपना रहा था।
हम सभी Reunion के लिए हजारीबाग गए हुए है। उस reunion के बाद जब हर कोई अपने-अपने रस्ते निकल गए, तो तुम मुझे अपने साथ किसी एक restaurant में ले गई। जब हम दोनों वहां table पर बैठे तो वहां का manager सब कुछ special-special type करने लगा। तो हम दोनों को doubt हुआ कि normal table तो लग नहीं रहा है। वो जो couples के लिए special type का कुछ करते हैं खास restaurents में, वो वैसा वाला ही लगा रहे थे। मैंने तुम्हें करीब बुलाकर धीरे से कहा, "तुमको नहीं लग रहा है कि लोग हमें पूरा लूटने के फिराक में हैं ?" तो तुम waiter को बुलाई और उसको दो बात सुनाई कि "मौका मिलता नहीं है कि खाली लूटने में लगल रहते हैं।..." पीछे पीछे manager भी आया, तुम उसे भी बोली, "आप मेरा life style नहीं जानते हो पहले से, कि मेरा लड़को से भी दोस्ती normal है ?"
Waiter बोली कि हम दोनों का एक दूसरे के प्रति जिस तरह का gesture आते वक्त उन्होंने देखा, उससे उन्हें लगा कि हम couples हैं। तब manager बोला, "अरे यह बहन इस restaurant के खुलने के बाद first time आई है, पर हमारे पुराने branch में अक्सर कई friends के साथ आती रहती थी। ये हमारी बहुत पुरानी customer है, देखो इन्हे कोई शिकायत नहीं होना चाहिए हमारी servicing में।"
उसके बाद पता नहीं क्या हुआ, हमारे बीच क्या बातें हुई, मुझे कुछ भी याद नहीं, फिर तुम रूठ कर उठ कर वहां से चली गई। इसके बाद खाना serve करने waiter आईतो सब दो दो plate लगा रही थी। मुझे लगा कि एक तो यहां सब महँगा होगा, ऊपर से अब सब bill मुझे अकेले भरना होगा। तुम तो अच्छा फंसा कर मुझे गई हो। उसको हम बोले कि "हम आए किसी के साथ थे, पर अब अकेले है। एक plate वापस ले जाइए।" तो वह बोली कि तुमको बाहर खड़ा देखकर उसको लगा कि तुम वापस आओगी। जब मैं यह सुना तो यह सुनकर उसको दोनों plate रहने देने के लिए बोले। जब Plate के dishess को देखे तो सभी plates में सब अजीब अजीब type ka dish था। मछली जैसा लग रहा था, salad, बगल में घांस फूस से सजाया हुआ, जो मैं पहले कभी देखा और खाया भी नहीं था। फिर उसका बात सुनकर मैं तुमको वापस बुलाने के लिए बाहर गया। तो तुम मेरे सामने नखरा कर रही थी। Expression एक होता है ना - कि बोल रही हो कि तुम जा रही हो, तुमको नहीं आना। पर अंदर ही अंदर तुम मुझसे यह चाहो कि मैं तुम्हें मनाऊं और वापस लेकर अंदर जाऊं। फिर जैसा कि तुम जानती ही हो कि मुझे मनाना नहीं आता, मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि तुमको मनाए कैसे। बस तुमको देखते रहे, फिर तुम देखी कि मैं कुछ कर नहीं रहा हूं, तो तुम अपना scooty में बैठी और चाभी लगाईं और वहा से चली गई। फिर अछता पछता कर अंदर गए और अकेले जितना हो सके खाए। फिर counter में आकर bill पूछे, तो वह manager बोला कि bill पहले से paid है। तुम सब paid order की थी। मतलब हमारे जाने से पहले से ही तुम मेरे लिए सब special plan करके रखी थी। और मैं गधा, एक तो तुमको hurt किए, ऊपर से तुम्हारा मूंह ताकते रहे, तुमको मानने के लिए कोई कोशिश तक नहीं किए। इसके बाद manager से इस पूरी treat का price पूछे तो पहले वह बताने में आनाकानी किया, पर फिर भी थोड़ा दबाव देकर price पूछे तो बोला ₹5,000/-
फिर बाहर निकले और शाम का मौसम बहुत खूबसूरत था तो photo लेने लगे। तब तक तुम अपने कपड़े change करके normal casual कपड़े पहने jogging करते आ रही थी और इससे पहले कि मैं कुछ पूछता उल्टा तुम ही मुझे पूछी कि "तुम अभी तक गया नहीं ? मेरा घर सामने है, मैं तो daily इसी रास्ते evening walk करने जाती हूं।" और ऐसे react कर रही थी कि शाम में reunion के बाद restaurant में कुछ हुआ ही ना हो। मैं समझ गया कि तुम अपने worst experience से move on करने में कितना fast हो, साथ ही यह भी कि तुम समझ चुकी हो कि जैसा तुम मुझसे hope कर रही थी, मैं वैसा नहीं हूं, में उस type का लड़का नहीं हूं। और मुझे समझ ही नहीं आ रहा है कि तुम्हारा expression और बात सुनकर मैं react क्या करूं ! I don't know how to react in this type of situation.
फिर मम्मी अभी सुबह आवाज दी, और मेरा ख्वाब टूट गया।

यह ख्वाब मैं 4 October, 2023 की सुबह-सुबह को देखा था। जिसका ख़्वाब मैं देखा था, जो मेरे उस ख्वाब में थी, यह मैंने उसके लिए message लिखा था। यह मैं किसके लिए लिखा था, यह सभी को जानने की जरूरत नहीं है। यह मैं जिसके लिए लिखा था, जो मेरे ख़्वाब में आई थी, वह यह बात जानती है, और मुझे समझती भी है कि-

#(मुझे किसी लड़की को मनाना नहीं आता)
#(मेरा ख्वाबों में भी कुछ नहीं हो सकता है।)

-AnAlone Krishna.
Published on 6th October, 2023 A.D.

और हर किसी को उसे जानने की जरूरत भी नहीं है।


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