__________Day 58__________
Everyone is not temporary in life.
जब 2019 में मैं Columba's College, Hazaribag से graduate हुआ। उसके बाद लंबे समय तक दोस्तों से call, whatsapp, facebook, Instagram के ज़रिए touch में रहने की कोशिश की। मेरे friends जैसे-जैसे अपने life में, career में, family growth, relationship में आगे बढ़ते गए, उनके पास मेरे लिए वक्त घटता गया। पहले तो late reply करने लगे, बाद में call back करने लगे, फिर भूल जाने लगे कि उन्हें मुझसे बात भी करनी है। इस बीच मेरी एक अच्छी दोस्त मुझे सलाह दी, "कृष्ण, कोई हमेशा तुम्हारे साथ नहीं रह सकता है। अकेले जीना सीखो।"
अकेले जीना सीखो! यह भी मुझे सीखने की जरूरत है भला ! बचपन से तो ऐसे ही जीता आया हूं। खुद को social बनाने की तो मैं अब कोशिश कर रहा था। पर इस बात को भी अब एक साल बीत चुके हैं। मुझे यह पसंद हो या ना हो, फिर भी अकेले रहने की आदत में मुझे फिर से ढलना पड़ ही गया। मैंने दोस्तों को call, message करना, उनसे मिलने का plan बनाना छोड़ दिया। फिर life में एक twist आया- विनोबा भावे यूनिवर्सिटी, हजारीबाग 2015-2019 तक registration करवाए students के लिए special genric paper के exam का notice निकाला। जिन्हें पीछे छोड़कर मैं भी अपने life में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था, उनसे मुझे फिर से मिलना पड़ रहा है।
कल मेरा Special Generic Paper का exam था। जिसका examination centre अन्नदा College, Hazaribag था। वहां एक बार फिर से मैं अपने college के batchmates से मिला। कोई कहीं Job कर रहें हैं, कोई अपना business start कर चुके हैं, तो कोई serious होकर competitive exams की तैयारी में लगे हैं, अधिकांश लड़कियों की शादी भी हो गई। उम्मीद था कि सभी से मिलकर अच्छा लगेगा पर अच्छा नहीं लगा।
वहां सभी लोगों की आंखों में दिखा यह सवाल मुझे कि,"कृष्ण, क्या कर रहे हो आजकल ?"
"मैं B.Ed. कर रहा हूं।", मेरा यह जवाब उन्हें यह बता देता कि मैं 25 की उम्र में अभी भी पूरी तरह से अपनी family पर dependent हूं। और course भी ऐसा कर रहा हूं जिससे भविष्य में क्या scope है, वो भी अता पता नहीं मौजूदा सरकार की शासन प्रणाली के कारण। मैं खुद को looser महसूस कर रहा था।
कुछ ऐसे भी लोग थें, जिनके साथ मेरा बीता हुआ past अच्छा नहीं रहा। वो मुझे देखे, मैं उन्हें देखा, मैं मुस्कुराया, पर नज़रों में मेरे लिए मुझे नफ़रत दिखा, फिर नज़रें तो झुक ही गई मेरी खुद-ब-खुद, साथ ही कदम भी क़रीब जाकर दूर चले गए। एक पल हंस कर अगर उनसे अच्छे से मैं बात भी कर लेता तो कौन सा सब अच्छा हो जाता हम दोनों के दरमियान ! इस बीच कुछ ऐसे भी थे जिनसे बातें करने का बहुत दिल कर रहा था, उनसे काफ़ी अच्छी friendship हुआ करती थी कभी। पर इस मुलाकात का कोई भविष्य ही नहीं था, इसके बाद फिर अजनबी ही बन जाना था। वो फिर से अपने अपने life में निकल जाते और फिर से उनके पास मेरे लिए वक्त नहीं होता। तो फिर उनसे भी ना ही बातें करने को दिल किया, और ना ही फिर मिलने का।
एक वक्त था जब मैं अपने दोस्तों को college reunion का ख्वाब दिखा रहा था। तब मेरी किसी दोस्त ने मुझसे कहा था कि, "ख़्वाब तभी दिखाओ किसी को कृष्ण, जब उसे पूरा करने के काबिल बन जाओ।"
कल जब उनको देखे, सभी एक जगह आए मिले, उन्होंने आपस में ठीक से बातें भी ना की और अपने अपने life में निकल गए। कइयों को तो अब कइयों से नराजगी है, कइयों को मुझसे भी नाराजगी है कि अब हम एक दुसरे के लिए वक्त नहीं निकालते हैं। पर समय ही ऐसा चल रहा है कि हम एक दुसरे के लिए वक्त नहीं निकाल पाते हैं। इसपर भी मेरी दोस्त हमें अक्सर कहती है कि, "किसी के पास किसी के लिए वक्त नहीं होता, वक्त निकालना पड़ता है।"
अभी जिस हाल में मैं हूं, फिलहाल तो किसी से भी मुझे मिलने का मन नहीं करता। हां, अकेले रहने की आदत मुझे फिर से लग ही गया है। अब जब फिर से employed हो जाऊंगा, इतना कमाने लगूंगा कि family का burden थोड़ा बहुत उठाने लगूंगा और खर्च करने से पहले सोचना ना पड़े, किसी को कोई ख्वाब दिखा सकू, इस काबिल बनने के बाद ही शायद किसी से मिलने में अच्छा लगे।
किसी को अगर इंतज़ार करनी हो मेरी कि मैं अपनी जिंदगी को एक अच्छे मुकाम पर पहुंचा कर वापस लौट कर आऊंगा उनके life में, तो वो मेरा इंतज़ार कर सकतें हैं। जिन्हें मुझपर भरोसा नहीं, उन्हें मुझे अपनी बुरी याद सोंचकर पीछे छोड़ना है, वो मुझे भूल कर अपने life में आगे बढ़ सकतें हैं।
मैं शुक्रगुजार हूं उनका जो मेरा साथ अभी भी नहीं छोड़ रहे, वो मुझे समय समय पर guide कर रहे हैं, एक तरह से मेरा हाथ थामे हुए है मुझे मेरी कामयाबी के रास्ते में ले जाते हुए। मेरी life में उनके लिए हमेशा ही सबसे ज्यादा अहमियत रहेगा। हर उस इंसान से सबसे ज्यादा जिनको मेरी जिंदगी में हिस्सा बनने के लिए मुझे सबसे पहले खुद को काबिल साबित करने की जरूरत है। मैं हमेशा उनको सबसे ज्यादा अहमियत दूंगा जो मुझे काबिल बनने में मदद कर रहे हैं।
-AnAlone Krishna.
29 October, 2023 A.D.
Everyone is not temporary in life.
जब 2019 में मैं Columba's College, Hazaribag से graduate हुआ। उसके बाद लंबे समय तक दोस्तों से call, whatsapp, facebook, Instagram के ज़रिए touch में रहने की कोशिश की। मेरे friends जैसे-जैसे अपने life में, career में, family growth, relationship में आगे बढ़ते गए, उनके पास मेरे लिए वक्त घटता गया। पहले तो late reply करने लगे, बाद में call back करने लगे, फिर भूल जाने लगे कि उन्हें मुझसे बात भी करनी है। इस बीच मेरी एक अच्छी दोस्त मुझे सलाह दी, "कृष्ण, कोई हमेशा तुम्हारे साथ नहीं रह सकता है। अकेले जीना सीखो।"
अकेले जीना सीखो! यह भी मुझे सीखने की जरूरत है भला ! बचपन से तो ऐसे ही जीता आया हूं। खुद को social बनाने की तो मैं अब कोशिश कर रहा था। पर इस बात को भी अब एक साल बीत चुके हैं। मुझे यह पसंद हो या ना हो, फिर भी अकेले रहने की आदत में मुझे फिर से ढलना पड़ ही गया। मैंने दोस्तों को call, message करना, उनसे मिलने का plan बनाना छोड़ दिया। फिर life में एक twist आया- विनोबा भावे यूनिवर्सिटी, हजारीबाग 2015-2019 तक registration करवाए students के लिए special genric paper के exam का notice निकाला। जिन्हें पीछे छोड़कर मैं भी अपने life में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था, उनसे मुझे फिर से मिलना पड़ रहा है।
कल मेरा Special Generic Paper का exam था। जिसका examination centre अन्नदा College, Hazaribag था। वहां एक बार फिर से मैं अपने college के batchmates से मिला। कोई कहीं Job कर रहें हैं, कोई अपना business start कर चुके हैं, तो कोई serious होकर competitive exams की तैयारी में लगे हैं, अधिकांश लड़कियों की शादी भी हो गई। उम्मीद था कि सभी से मिलकर अच्छा लगेगा पर अच्छा नहीं लगा।
वहां सभी लोगों की आंखों में दिखा यह सवाल मुझे कि,"कृष्ण, क्या कर रहे हो आजकल ?"
"मैं B.Ed. कर रहा हूं।", मेरा यह जवाब उन्हें यह बता देता कि मैं 25 की उम्र में अभी भी पूरी तरह से अपनी family पर dependent हूं। और course भी ऐसा कर रहा हूं जिससे भविष्य में क्या scope है, वो भी अता पता नहीं मौजूदा सरकार की शासन प्रणाली के कारण। मैं खुद को looser महसूस कर रहा था।
कुछ ऐसे भी लोग थें, जिनके साथ मेरा बीता हुआ past अच्छा नहीं रहा। वो मुझे देखे, मैं उन्हें देखा, मैं मुस्कुराया, पर नज़रों में मेरे लिए मुझे नफ़रत दिखा, फिर नज़रें तो झुक ही गई मेरी खुद-ब-खुद, साथ ही कदम भी क़रीब जाकर दूर चले गए। एक पल हंस कर अगर उनसे अच्छे से मैं बात भी कर लेता तो कौन सा सब अच्छा हो जाता हम दोनों के दरमियान ! इस बीच कुछ ऐसे भी थे जिनसे बातें करने का बहुत दिल कर रहा था, उनसे काफ़ी अच्छी friendship हुआ करती थी कभी। पर इस मुलाकात का कोई भविष्य ही नहीं था, इसके बाद फिर अजनबी ही बन जाना था। वो फिर से अपने अपने life में निकल जाते और फिर से उनके पास मेरे लिए वक्त नहीं होता। तो फिर उनसे भी ना ही बातें करने को दिल किया, और ना ही फिर मिलने का।
एक वक्त था जब मैं अपने दोस्तों को college reunion का ख्वाब दिखा रहा था। तब मेरी किसी दोस्त ने मुझसे कहा था कि, "ख़्वाब तभी दिखाओ किसी को कृष्ण, जब उसे पूरा करने के काबिल बन जाओ।"
कल जब उनको देखे, सभी एक जगह आए मिले, उन्होंने आपस में ठीक से बातें भी ना की और अपने अपने life में निकल गए। कइयों को तो अब कइयों से नराजगी है, कइयों को मुझसे भी नाराजगी है कि अब हम एक दुसरे के लिए वक्त नहीं निकालते हैं। पर समय ही ऐसा चल रहा है कि हम एक दुसरे के लिए वक्त नहीं निकाल पाते हैं। इसपर भी मेरी दोस्त हमें अक्सर कहती है कि, "किसी के पास किसी के लिए वक्त नहीं होता, वक्त निकालना पड़ता है।"
अभी जिस हाल में मैं हूं, फिलहाल तो किसी से भी मुझे मिलने का मन नहीं करता। हां, अकेले रहने की आदत मुझे फिर से लग ही गया है। अब जब फिर से employed हो जाऊंगा, इतना कमाने लगूंगा कि family का burden थोड़ा बहुत उठाने लगूंगा और खर्च करने से पहले सोचना ना पड़े, किसी को कोई ख्वाब दिखा सकू, इस काबिल बनने के बाद ही शायद किसी से मिलने में अच्छा लगे।
किसी को अगर इंतज़ार करनी हो मेरी कि मैं अपनी जिंदगी को एक अच्छे मुकाम पर पहुंचा कर वापस लौट कर आऊंगा उनके life में, तो वो मेरा इंतज़ार कर सकतें हैं। जिन्हें मुझपर भरोसा नहीं, उन्हें मुझे अपनी बुरी याद सोंचकर पीछे छोड़ना है, वो मुझे भूल कर अपने life में आगे बढ़ सकतें हैं।
मैं शुक्रगुजार हूं उनका जो मेरा साथ अभी भी नहीं छोड़ रहे, वो मुझे समय समय पर guide कर रहे हैं, एक तरह से मेरा हाथ थामे हुए है मुझे मेरी कामयाबी के रास्ते में ले जाते हुए। मेरी life में उनके लिए हमेशा ही सबसे ज्यादा अहमियत रहेगा। हर उस इंसान से सबसे ज्यादा जिनको मेरी जिंदगी में हिस्सा बनने के लिए मुझे सबसे पहले खुद को काबिल साबित करने की जरूरत है। मैं हमेशा उनको सबसे ज्यादा अहमियत दूंगा जो मुझे काबिल बनने में मदद कर रहे हैं।
-AnAlone Krishna.
29 October, 2023 A.D.

Comments
Post a Comment