__________Day 24__________
किसी बच्चे के मन अगर यह बात उसके बचपन में बिठा दो कि रात को अंधेरे में निकलने से भूत-प्रेत पकड़ लेंगे, चुड़ैल उठाकर ले जाएगी; बड़े होने के बाद चाहे कितना ही पढ़ लिख ले और यह बात जान ले कि यह सभी बस कल्पनाएँ हैं, झूठी बातें हैं, फिर भी कभी उसके अंतर्मन से इनका डर नहीं जाएगा। क्योंकि-
1. किसी के बारे में जानने के लिए सबसे पहले मन में उसको लेकर जिज्ञासा उत्पन्न होनी चाहिए,
2. वास्तविक सत्य का ज्ञान होने के लिए उसे परख कर समझना पड़ता है कि क्या सही है और क्या झूठ,
3. सत्य का ज्ञान हो जाने के बाद खुद की अज्ञानता को मानकर सत्य को अपनाने की हिम्मत होनी चाहिए।
(जानना-समझना-मानना)
ठीक उसी प्रकार अगर किसी के मन में यह बचपन से डाल दो कि "अगर बुरे कर्म करोगे तो नर्क/जहन्नुम/hell में जाओगे, अगर कर्म करोगे तो मरने के बाद स्वर्ग/जन्नत/paradise मिलेगा, जो इस जिंदगी में कष्ट भोग रहे हो वह तुम्हारे पिछले जन्मों के दुष्कर्मो का दंड है, और जो लोग श्रेष्ठ परिवारों में जन्म लेकर सुख भोग रहे हैं वो उनके पिछले जन्मों के सत्कर्मो का फल है" ; तो वह बाद में चाहे कितना भी पढ़ लिख कर अपने जीवन में तरक्की कर ले, अपने अंतर्मन से इस बात को कभी नहीं निकाल पाता।
-AnAlone Krishna
19th April, 2021 A.D.
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