•क्या एक चीज सोचने वाली बात नहीं हैं...
जितने भी आविस्कार किए गए, जिनका हम आज दुष्परिणाम झेल रहे है, उनके अंदर कुछ नया करने की तमन्ना थी ताकि उनका नाम हो सके।जिनते भी राजनेता बने जिन्होंने बिना समाज के हीत के सोचे अपने decision दिया, जिसका खामियाजा समाज भुगतता है, वो अपने आप को prove करना चाहते रहे ताकि उनका नाम हो सके।
जितने भी doctor, engineer बनते है, इतनी मेहनत करते है ताकि उनका नाम हो सके।
इतने सारे civil service मे कार्यरत लोग जिनपर आम जनता जल्दी भरोसा नहीं करती, वो corrupted है, और अपनी आगे की जिंदगी आराम से काटना चाहते हैं। उन्होंने भी मेहनत करके वो पोस्ट हासिल किया ताकि उनका नाम हो।
लेकिन सेना के जवान ने अपना नाम का सपना कभी नहीं देखा। वो तो बस अपनी जिम्मेदारी को समझे- अपने परिवार के प्रति, समाज के प्रति, देश के प्रति और खुद को दिन रात झोंक दिया। उन्होंने अपना नाम कमाने के लिए खुद को मुसीबतों मे नहीं डाला है, बल्कि अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए वो ऐसा कर रहे है।
but we still doing same mistake. हम अब भी एक ही गलती को लगातार दोहराए जा रहे है। कि...
हम अपने youngsters को उनके जिम्मेदारी से अवगत नहीं करते बल्कि उन्हे भी यही कहते है कि "बेटा अपने life मे कुछ ऐसा करो जिस से तुम्हारा नाम हो सके"।
But I suppose that this is wrong. हमे अपने youngsters को यह सिखाना चाहिए कि "बेटा life मे ऐसी कोई गलती मत करना कि उसका खामियाजा तुम्हें या औरों को भरना पड़े। तुम बस अपनी जिम्मेदारी निभाओ, अगर तुम सही होगे तो लोग तुम्हारा इज्जत जरूर करेंगे, तुम्हारा नाम लेंगे।"
readers से निवेदन है कि आप अपना राय जरूर दें। चाहे तो आप अपना विचार पोस्ट भी कर सकते हैं।
-AnAlone Krishna
10th April 2018
Post a Comment
I am glad to read your precious responses or reviews. Please share this post to your loved ones with sharing your critical comment for appreciating or promoting my literary works. Also tag me @an.alone.krishna in any social media to collab.
Thanks again. 🙏🏻