Day 53 | Diary of AnAlone Krishna

Sunday, July 23, 2023 0 Comments

 __________Day 53__________


पहले जो दिल में आता था उसे लिख कर post कर दिया करता था। अब लिखता हूँ तो discard कर देता हूँ, post करता भी हूँ तो delete कर देता हूँ।
अब मैं सिर्फ मैं ही नहीं हूँ-
• अब मैं एक teacher हूँ, अब मुझे ध्यान में रखना होता है कि मेरे actions/words से learners कहीं अपने lack of understandings or misunderstanding के चलते कोई गलत inspiration लेकर life कोई गलती ना कर दें।
• अब मैं as a writer यह बात समझता हूं कि मेरे readers को मुझसे कोई अच्छी और बेहतर writings की expectations होती है। हर बार मुझे पहले से बेहतर उन्हें deliver करना होगा। अब मैं मुझे जो दिल में आये उसे लिख कर निकल नहीं सकता हूँ।
• जब मैं as a poet कुछ लिखने बैठता हूँ तो सोंचता हूँ ऐसा क्या लिखूँ जो मैंने या किसी और ने पहले ना लिखी या समझाई हो। मैं अपने words को बार-बार अपनी writings में repeat नहीं करना चाहता हूँ। इसलिए आजकल बहुत कम लिखता हूँ।
• समाज का adult नागरिक होने के नाते मैं खुद से हमेशा mature writing को expect करता हूँ। जो readers को अपने life में guide कर सके।
• पर as a person, मेरी खुद की भी individual life है, feelings है, और सबसे बड़ी बात कि इसे share करने के लिए मेरे पास कोई नहीं है। मैं अब इन्हें जब भी लिखता हूँ तो post नहीं कर पाता हूँ, अगर करूँ भी तो किसके लिए..!
अब मैं खुल कर खुद को express नहीं कर पाता हूँ। मुझे लगता है कि मेरे अंदर जो कभी लिखने का उत्साह हुआ करता था, वो मर रहा है। मेरे अंदर जो लिखने की कला develop हुआ है उसे मैं अब utilize नहीं कर पा रहा हूँ। या तो मुझे इसे बचाने के कुछ करना होगा, या फिर अपने life को बचाने के लिए मुझे इसे पूरी तरह मार देना होगा।

पता नहीं मैं खुद को अच्छे से express कर पाया हूँ कि नहीं, पर अगर आप मे से कोई मेरी इस बात को समझ पा रहे हो और मुझसे अपना कोई राय या सुझाव देना चाहो तो please, मुझे अच्छा लगेगा। मैं वो समझना चाहता हूँ जो मैं नहीं समझ पा रहा हूँ।

-AnAlone Krishna
23rd July, 2023 A.D.

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