__________Day 49__________
Social media is today's need.When I was at 9th standard, I studied Western History at 19th Century. जहाँ मैंने पाया कि उस दौर की औरतों को पढ़ाई में interest जगा। फिर वो उस दौर के famous दार्शनिकों और समाज सुधारकों को पढ़ी। जिससे उन्हें अपनी मौजूदा हालात को समझने में मदद मिली। वो clubs बनाई जहाँ आपस में वो विचार विमर्श कर सके। अपने ज्ञान की व्रिधि करके अपने विचारों को औरों तक पहुँचाने के किताबें लिखी। जिससे अंदोलन हुआ और जिससे आज की दौर की महिलाओं को शिक्षा का अधिकार, मौलिक अधिकार, समान वेतन का अधिकार, voting rights, etc. मिला।
लेकिन आज की दौर की महिलाओं और पुरुषों को मैं देखता हूँ तो पाता हूँ कि उन्हें शिक्षा का महत्व नहीं पता है। उनकी धारणा बन गई है कि शिक्षा नौकरी पाने के जरिया है। परंतु सच यह है कि शिक्षा हमें रोजगार पाने के योग्य बनने का मौका देता है।
आज के दौर में आप ऐतिहासिक ज्ञान किताबों से प्राप्त कर सकते हैं। पर कौन सी पुस्तक आपके लिए ज्ञानवर्धक होगी और कौन आपको अंधविश्वास की ओर लेकर जाएगी, यह समझ आपके अंदर विकसित होने की आवश्कता होती है। साथ ही आज के दौर में मौजूद हालात को समझने के लिए अब अखबार और TV and radio channels पर्याप्त नहीं रहे। आज के समय में मौजूदा हालात को समझने का बहुत बड़ा जरिया social media बन चुका है। जिससे दूर रहने का मतलब यह है कि आप अपने वर्तमान सामाजिक, राजनीतिक,... स्थिति से खुद को update नहीं रखते हो।
इसलिए वो महिलाएँ जो खुद को social media से दूर रखती हैं, वो यह नहीं समझ रही कि यह पुरुषसत्तात्मक सोंच के साथ छल है आपको अंधकार में रखने की। जिससे आपकी धारणाएँ और मानसिकताएं ऐसी बने की आप अंजाने में ही लेकिन दूसरों के अधीन रहो।
जो लोग specially औरतें खुद को social media से दूर रखते हैं उनके लिए उन तमाम अधिकारों का कोई महत्व नहीं है जो कभी किसी ने कड़े संघर्ष से प्राप्त किये और इन्हें बिना मेहनत के ख़ैरात में मिल गए हैं। वो इनकी महत्व को नहीं समझते हैं, दूसरों की अपने ऊपर अधीनता स्वीकार कर लेते हैं, जिसकी वजह से आज भी सामाजिक रूप से इन अधिकारों और कानूनों का expected result completely नहीं मिल रहा है, और ये अंजाने में सभी का हनन भी करते हैं। क्योंकि वो अपना सामान्य ज्ञान की व्रिधि करके अपने अधिकारों को समझने के बजाय इससे अपना मुँह फेरते है, इसलिए वो इन्हें deserve भी नहीं करते।
"वीर भोग्य वसुंधरा।" अर्थात, जो काबिल है वही इस भूमि पर राज करता है। यह पढ़कर please, रोओ-गिड़गिड़ाओ नहीं। खुद को काबिल साबित करो, और अपना अधिकार लो।"
-AnAlone Krishna
11th January, 2023 A.D.
Post a Comment
I am glad to read your precious responses or reviews. Please share this post to your loved ones with sharing your critical comment for appreciating or promoting my literary works. Also tag me @an.alone.krishna in any social media to collab.
Thanks again. 🙏🏻