Kissa 08:-
बच्चों को पढ़ाते दौरान उनके पूछे सवालों से मुझे कई चीजों का realise होता है, जो मैंने कभी पढ़ा या सीखा और आज मेरे व्यक्तित्व का हिस्सा है।
उनका प्रश्न : Sir, आपको जब call आता तब आप phone पर खोरठा में बात करते हो। आप हिंदी या English क्यूँ नहीं बोलते हो ?
I answered them : Never show-off before your elders, specially your Mom and Father. अपने से बड़ो के सामने हमें ज्यादा तेज नहीं बनना चाहिए। वो जिस भाषा में हमसे बात करते हैं, हमें उनसे उसी भाषा में बात करने की कोशिश करनी चाहिए। For their respect, कि हम उन्हें uncomfort feel ना करवाएं। हम जो कुछ भी होते हैं, उनके बदौलत होते हैं। वो भले हमसे कम जानते है, हमें उनके सामने दिखावा नहीं करना चाहिए कि हम कितना जानते हैं। हाँ, उनके सामने अगर हम किसी और से अच्छी हिंदी में करेंगे तो अच्छा है, अगर English में बात करेंगे तो और भी अच्छा है, इससे वो हमपर proud करेंगे कि हमें ये सब जानते हैं फिर भी उनके सामने घमंड नहीं करते हैं बल्कि उनका सम्मान करते हैं। पर उनके सामने अपना ज्ञान का प्रदर्शन जानबूझकर करना जिससे वो खुद को छोटा feel करे, ऐसा उनको बुरा feel करवाना बिल्कुल गलत है। English सीखो, हिंदी भी सीखो, और साथ में अपना क्षेत्रीय भाषा भी सीखो ताकि अपने अपनो के साथ अच्छे से घुल मिल सको और उन्हें तुमसे बात करना अच्छा लगे। इसलिए कम से कम तीन भाषा तो जरूर सीखो, और अगर हो सके तो और भी multiple language सीखो- संस्कृत सीखो, तमिल सीखो, तेलगु सीखो, French सीखो, Russian सीखो, जितना हो सके उतने languages सीखो। पर मातृभाषा, जिस भाषा में तुम पले-बढ़े हो, उसे जरूर सीखो।
-AnAlone Krishna
10th May, 2022 A.D.

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