Kissa 07:-
मेरा hostel में एक महीने के exam break लेने के बाद वापस लौटे लगभग डेढ़ सप्ताह हो गए हैं। मैं जहाँ हूँ वह colliery इलाका है, जिसके चलते चारो ओर बहुत सारे factories हैं, और जिसके चलते बहुत सारे dust उड़ते हैं। इस वजह से कपड़ो का बहुत जल्दी गंदा हो जाना आम बात है। आज जब मैं school से वापस hostel आया, तो मेरे room में मेरे साथ रहने वाले एक बच्चा रौनक मुझसे बोला, "Sir, bed बहुत गंदा दिख रहा है।" जो कि सही बोल रहा था। मैं कई दिनों से अपना bedsheet धोना चाह रहा था। पर मुझे इसके लिए वक़्त नहीं मिल रहा था। उसके बाद बगल में खड़ा और एक लड़का प्रतीक मुझसे बोला, "Sir, bedsheet बहुत गंदा हो गया है।" जिसका मैंने जवाब दिया कि, "हाँ, इसको फ़ीचना है।" उसके बाद जो मैं हमेशा करता हूँ, जिनका भी school time में call आया होता है और मैं classes की वजह से उनसे बात नहीं कर पाता हूँ, उन्हें call करके उनसे पहले बात करता हूँ। मैं अपने mobile से किसी को call लगाकर उसे कान में लगाकर जूता उतारते हुए उसके call को receive करने का wait करने लगा। फिर जब मैं जूतों में मौजों को पैर से उतारने के बाद रखकर जूतों को बाहर रखकर वापस आया, तो मैंने देखा कि किनारे पे मौजूद मेरे bed पे उन बच्चों ने अपना bedsheet लगा दिया है। इस लम्हें में उनको डाँटने का मन किया कि बिना कहे ही उन्होंने ये किया, और उन्हें यह करने की जरूरत भी नहीं थी। पर दिल को उनपर प्यार आ रहा था, क्यूँकि उन्हें यह सब करने की जरूरत नहीं थी पर फिर भी उन्होंने मुझसे बिना पूछे ही मेरे लिए यह किया। उन्होंने शायद यह मेरे आने से पहले से ही यब करने का आपस में plan कर लिया हो। उन्होंने मेरा दिल जीत लिया। पर साथ ही मुझे थोड़ा सा बुरा भी लगता है, जब बच्चें मेरे लिए ऐसा कुछ करते हैं। क्योंकि मुझे discrimination करना अच्छा नहीं लगता है। कोई मुझे अपने घर से लाये fruits, sweets, etc. खिलाते हैं तो कोई मेरी परेशानियों को solve करने में जहाँ तक हो सके मदद करते हैं। पर मेरे लिए ये सब करने के बाद भी मैं उन्हें ordinary और equally ही treat करता हूँ। मैं उन्हें बाकियों से special treat नहीं करता हूँ, या यूँ कहूँ तो मैं कर ही नहीं पाता हूँ। मैं उन्हें equal task देता हूँ, fair response करता हूँ, और punishment देने के time भी discriminate नहीं करता हूँ। इसके लिए अब मुझे उनके लिए बुरा लगता है। यह सब अगर वो किसी और teacher के लिए करते तो शायद उन्हें different response मिलता। पर मेरे दिल को जीत कर मेरे दिल में अपनी खास जगह बनाकर मेरे लिए खास बनने की उनकी यह पनपती हुई चाहत, मैं जरूर उन्हें निराश कर रहा होऊँगा या करूँगा।
साथ ही इसके अलावा, बच्चों का मेरे प्रति यह सब लगाव, यह प्यार देखकर भी मेरे अंदर अपनी खुद की family-बच्चों की चाहत नहीं होती। मेरे अंदर ऐसी कामना नहीं जगती है। मेरी ऐसी ख्वाहिशें नहीं है, इक्षाएँ नहीं है। जो मुझे यह अहसास करवा रहा है कि मैं सांसारिक मोह-माया के मायाजाल से दूर जा रहा हूँ। मेरा भौतिक सुखों से लगाव हट रहा है।
-AnAlone Krishna
7th April, 2022 A.D.
मेरा hostel में एक महीने के exam break लेने के बाद वापस लौटे लगभग डेढ़ सप्ताह हो गए हैं। मैं जहाँ हूँ वह colliery इलाका है, जिसके चलते चारो ओर बहुत सारे factories हैं, और जिसके चलते बहुत सारे dust उड़ते हैं। इस वजह से कपड़ो का बहुत जल्दी गंदा हो जाना आम बात है। आज जब मैं school से वापस hostel आया, तो मेरे room में मेरे साथ रहने वाले एक बच्चा रौनक मुझसे बोला, "Sir, bed बहुत गंदा दिख रहा है।" जो कि सही बोल रहा था। मैं कई दिनों से अपना bedsheet धोना चाह रहा था। पर मुझे इसके लिए वक़्त नहीं मिल रहा था। उसके बाद बगल में खड़ा और एक लड़का प्रतीक मुझसे बोला, "Sir, bedsheet बहुत गंदा हो गया है।" जिसका मैंने जवाब दिया कि, "हाँ, इसको फ़ीचना है।" उसके बाद जो मैं हमेशा करता हूँ, जिनका भी school time में call आया होता है और मैं classes की वजह से उनसे बात नहीं कर पाता हूँ, उन्हें call करके उनसे पहले बात करता हूँ। मैं अपने mobile से किसी को call लगाकर उसे कान में लगाकर जूता उतारते हुए उसके call को receive करने का wait करने लगा। फिर जब मैं जूतों में मौजों को पैर से उतारने के बाद रखकर जूतों को बाहर रखकर वापस आया, तो मैंने देखा कि किनारे पे मौजूद मेरे bed पे उन बच्चों ने अपना bedsheet लगा दिया है। इस लम्हें में उनको डाँटने का मन किया कि बिना कहे ही उन्होंने ये किया, और उन्हें यह करने की जरूरत भी नहीं थी। पर दिल को उनपर प्यार आ रहा था, क्यूँकि उन्हें यह सब करने की जरूरत नहीं थी पर फिर भी उन्होंने मुझसे बिना पूछे ही मेरे लिए यह किया। उन्होंने शायद यह मेरे आने से पहले से ही यब करने का आपस में plan कर लिया हो। उन्होंने मेरा दिल जीत लिया। पर साथ ही मुझे थोड़ा सा बुरा भी लगता है, जब बच्चें मेरे लिए ऐसा कुछ करते हैं। क्योंकि मुझे discrimination करना अच्छा नहीं लगता है। कोई मुझे अपने घर से लाये fruits, sweets, etc. खिलाते हैं तो कोई मेरी परेशानियों को solve करने में जहाँ तक हो सके मदद करते हैं। पर मेरे लिए ये सब करने के बाद भी मैं उन्हें ordinary और equally ही treat करता हूँ। मैं उन्हें बाकियों से special treat नहीं करता हूँ, या यूँ कहूँ तो मैं कर ही नहीं पाता हूँ। मैं उन्हें equal task देता हूँ, fair response करता हूँ, और punishment देने के time भी discriminate नहीं करता हूँ। इसके लिए अब मुझे उनके लिए बुरा लगता है। यह सब अगर वो किसी और teacher के लिए करते तो शायद उन्हें different response मिलता। पर मेरे दिल को जीत कर मेरे दिल में अपनी खास जगह बनाकर मेरे लिए खास बनने की उनकी यह पनपती हुई चाहत, मैं जरूर उन्हें निराश कर रहा होऊँगा या करूँगा।
साथ ही इसके अलावा, बच्चों का मेरे प्रति यह सब लगाव, यह प्यार देखकर भी मेरे अंदर अपनी खुद की family-बच्चों की चाहत नहीं होती। मेरे अंदर ऐसी कामना नहीं जगती है। मेरी ऐसी ख्वाहिशें नहीं है, इक्षाएँ नहीं है। जो मुझे यह अहसास करवा रहा है कि मैं सांसारिक मोह-माया के मायाजाल से दूर जा रहा हूँ। मेरा भौतिक सुखों से लगाव हट रहा है।
-AnAlone Krishna
7th April, 2022 A.D.
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