__________Day 23__________
1.कल सुबह का सपना-
मैं अपने एक दोस्त के साथ रात में किसी सड़क से जा रहा हूँ। रात इतनी काली है कि 4 कदम आगे भी सही से ना दिखे। मैंने उसके हाँथ को कस के पकड़ लिया और वह मेरे इस डरे हुए हालात को देख कर मुस्कुरा रहा है। मेरे दिल में जो अहसास थे- मैं इसलिए नहीं डर रहा था कि उस सुनसान सड़क पर मेरे साथ कुछ हो जाएगा, बल्कि मैं इस बात से डर रहा था कि उस काली अंधेरी रात अगर वो दोस्त मुझसे बिछड़ गया तो शायद मैं उसे दोबारा ढूंढ ना पाऊँ।
मेरे अपने अचेतन मन के द्वारा दिखाया गया मेरा यह ख़्वाब मुझे इस बात का अनुभव करवाता है कि- मुझमें हिम्मत है अपने डर से लड़ने का। लेकिन मेरे अंदर जो यह अपनो को लेकर फिक्र है, वह मुझे कमजोर करती है।
मेरे दुश्मन मेरा हिम्मत नहीं तोड़ सकते। मेरे अपने मुझे कमजोर करते हैं।
2. वक़्त ने मुझे इतना प्यार करना सिखाया, वक़्त का शुक्रिया।
जो मुश्किल से मुश्किल situation में भी हार ना माने, ना झुके, और इसे हँसते-हँसते डटकर सामना करे, वही खुद को निखार पाता है। 
आने वाले वक़्त में मैं एक अच्छा husband बनूँगा । पता है क्यूँ ?
क्यूँकि उसकी बेरूखी, उसके आँखों में गुस्सा, उसके होंठो में मेरे दिल को चुभने वाले बात होने के बावजूद भी अब मैं उसे प्यार से अपनी बाँहो में भर सकता हूँ।
I'm not reachable for each one now. Sorry..!
5th March, 2021 A.D.

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