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"Life की परछाई: Chapter 4Chapter 5Chapter 6Chapter 7 • Chapter 8 • Chapter 9" has published on 8th August, 2025. अगर आपको online reading में असुविधा होती है, और आप इसे printed form में पढ़ना चाहते हो, तो post के bottom में दिए 'Download and Print' button को click करके आप उसका printout करवा लेना। जिसमें 'Download and Print' button नहीं है उसके लिए आप 'Google form' को भरकर मुझे send कर दो, मैं आपको pdf भेज दूंगा। इसके अलावा सबसे अंत में UPI QR code भी लगा हुआ है, अगर आप मेरे काम को अपने इक्षा के अनुरूप राशि भेंट करके सराहना चाहते हो तो, आप उसे scan करके मुझे राशि भेंट कर सकते हो। जो आप वस्तु भेंट करोगे, वो शायद रखा रह जाए, परंतु राशि को मैं अपने जरूरत के अनुसार खर्च कर सकता हूँ। ध्यानवाद !
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Kissa 05 | Diary of AnAlone Krishna

 Kissa 05:-

एक रोज मैं जब दोपहर का खाना खाकर hostle के अपने कमरे में पहुँचा। मैंने देखा कि मेरे room में रहने वाले आधे बच्चे सो गए हैं और आधे एक घेरा बनाकर उनमें से किसी एक को drawing बनाते हुए देख रहे हैं और साथ में हल्ला कर रहे हैं। मैंने उन्हें डाँटा और उन्हें भी सो जाने को कहा। ताकि उनके कारण बाकियों का नींद खराब ना हो। जिसमें से कोई बच्चा कूद कर अपनी जगह पर जाने के चक्कर में एक बच्चे के पेट में अपना पैर रख दिया। उस छोटे बच्चे को बहुत दर्द हुआ और वह रोने लगा। उसकी नींद खुद गई। मैं उस वक़्त क्या करता, उस बड़े बच्चे को डाँटता या छोटे बच्चें का दर्द दूर करता और वो कैसे ? उस वक़्त मुझे जो सूझा, मैंने कहा, "आओ शिवम, तुम इधर मेरे पास आओ और मेरी रजाई में मेरे साथ सोओ। इसमें कोई परेशान नहीं करेगा।" फिर उसे अपने बाँहों में भर लिया। उसे 2 min. भी ठीक से नहीं लगे दोबारा सो जाने में।
मेरा गुस्सा, मेरी सजा जो उस बड़े बच्चे को मिलती, उससे उस छोटे बच्चे को आराम नहीं मिलता। वो छोटा बच्चा जब अपने दर्द को भूलकर वापस सो गया। उससे पहले ही मैंने उस बड़े बच्चे के आँखों में अपनी गलती का अहसास और इसका पछतावा देख लिया था। उसे कुछ भी बोलने की जरूरत नहीं थी। उसकी आँखें बोल रही थी कि आगे से ऐसी गलती नहीं करेंगे।
उसके बाद मैं भी सो गया। जब नींद खुली तो किसी पर छड़ी पड़ने की आवाज सुनाई दी। जब वह बंद हुआ तो मेरे कमरे का दरवाजा खुला। तनु रोते हुए कमरे के अंदर आया। वह अपनी डबडबाई आँखों से मुझे देखा। इससे पहले कि उसे मैं कुछ बोलता, वह मेरे पास आया और दूसरी ओर मेरे रजाई में घुस कर मुझे पकड़ कर सो गया। अब मैं कैसे उठता ! मैंने पानी पी और फिर मैं भी दोबारा सो गया।
उसके बाद अगर मैं भी कभी उन्हें मार कर रुलाता तो भी मेरे बिस्तर में घुसकर मुझे पकड़कर वो सो जाते।

-AnAlone Krishna.
26th February, 2022 A.D.

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