__________Day 39__________
There is a devil inside me.
आज मैंने अजीब dream देखा-
कोई एक शापित इंसान मेरे पीछे पड़ा है। जिससे मैं बचने की कोशिश कर रहा हूँ। उससे पीछा छुड़ाने के लिए मैं किसी पहाड़ की चोटी पे चढ़ने लगा तो उसके शरीर से feathers निकलने लगे। और देखते ही देखते उसके पैर पंख में बदल गए। जब मैं पहाड़ पे चढ़ गया तो वह एक गिद्ध बन गया और मुझपे हमला करने की कोशिश करने लगा। जैसे ही वह मेरे हाँथ को नोंचा, मेरे मांसपेशियों को नोचने की कोशिश की, मुझे मेरे हाँथ में कुछ भी महसूस नहीं हुआ। जैसे कि उसके नोंचने से मुझे कोई फर्क ही नहीं पड़ा हो। मैंने दो-तीन बार लकड़ी के किसी चीज से उसे मार कर भगाने की कोशिश की, पर वह तो मेरे पीछे ही पड़ा था। तो अगली बार जब वह मुझपर हमला करने आया तो उल्टा मैंने उसके गर्दन को पकड़ लिया और उसके चोंच में उस लकड़ी को फँसा दिया। मैं उस लकड़ी की मदद से उसके चोंच को फाड़ देने की कोशिश करने लगा। मैं उसे मारने ही वाला था। कि तभी मेरी नींद खुल गई।
अजीब बात है। पहले हमेशा जब मैं मरने वाला होता था तो बचने का wish करता था, मैं hope करता था और मैं बच भी जाता था। और मेरी dream continue रहती थी। आज first time मैंने अपने situation से खुद लड़ने की कोशिश की और उस गिद्ध बने cursed इंसान का अंत करने की बस कोशिश की। जिससे मेरे अंदर की cruelty सामने आने वाली थी, जिससे खुद ही मेरा दिल घबराकर धड़कने लगा, और मेरा नींद टूट गया।
यानी कि मेरे अंदर कोई है जो मुझसे ही डरता है, या मैं ही खुद अपने अंदर के किसी से डरता हूँ।
There is a devil inside me.
जो कि किसी दिन ना कहीं मुझे सच में बुरा बना दे।
I'm not good.
मैं अच्छा बनना choose करता हूँ consciously.
27th December, 2021 A.D.
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