एक love story-
एक लड़का जिससे प्यार करता है उससे झगड़ना नहीं चाहता, मगर वह लड़की उससे बस झगड़ना चाहती है। वह लड़का उससे प्यार से बात करना चाहता है, मगर वह लड़की उससे प्यार-मोहब्बत की बातें नहीं करना चाहती। इसलिए जब लड़का फिर भी प्यार भरी बातें करता है, तो लड़की उससे इसी बात पे झगड़ा करती है।
चलो... दोनों की ख़्वाहिश पूरी हो गई- लड़के ने प्यार का इजहार भी कर लिया और लड़की उससे झगड़ा भी कर ली।
Laxmi: "अब आगे क्या ?"
Her Husband: "अब आगे तो उनका बस भगवान ही मालिक !"
20th August, 2021 A.D.
__________Day 32__________
••● How to do self-love ? ●••
कुछ वक़्त पहले मैंने एक thought share किया था-
YouTube में कई videos मिल जायँगे कि,
"How to impress your crush ?"
But no one can tell you,
"How to do self-love ?
And take care of yourself after broken."
जिसपर मेरी एक friend, Laxmi ने मुझसे यह कहा कि,
"I want to learn how to love myself."
और वह जानना चाही कि इसे कैसे करें...।
जिसका मैंने अपनी समझ से जो उसे suggest किया, वह यह था-
• Step 1:- सबसे पहले self conscious या self aware होना होगा।
मतलब अपने मन और इंद्रियों को समझना और उन्हें अपने काबू करने के लिए सीखना होगा। मन; यानी कि मन के साथ विकार- भय, मोह, ईर्ष्या, काम-वासना, क्रोध, लोभ, अहंकार। और इन्द्रियाँ; यानी कि पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ- त्वचा, आँख, कान, नाक और जिव्हा ; और पाँच कर्मेन्द्रियों जिनसे हम कार्य करते हैं।
इसके लिए ध्यान-योग करना होगा। ताकि अपने आप पर नियंत्रण पा सको।
• Step 2:- तुम्हें एक से दो होना होगा।
मतलब तुम्हें अपना एक प्रतिरूप बनाना होगा। जैसे आइने के सामने तुम्हारा एक अक्स(image) होता है, वैसा ही अपने मस्तिष्क में निर्माण करना होगा। यानी कि एक illusion(भ्रम/छवि) जिसे तुम जब चाहो तब अपने साथ महसूस कर सको, उससे बातें कर सको। आसान भाषा मे कहूँ तो तुम्हें खुद से बातें करने के लिए सीखना होगा। जैसे लोग अक्सर आईने के सामने करते हैं। वैसे ही कहीं भी और कभी भी।
इस पागलपन को सीखना होगा।
• Step 3:- तुम जैसे किसी दूसरों को प्यार करती हो, या उनसे प्यार की उम्मीद करती हो, उसे खुद से करना होगा।
यानी कि अगर तुम्हें कोई पसंद आए तो तुम उसे impress करने के लिए क्या करती, वैसे ही खुद को impress करने की कोशिश करो। जैसा expect करती हो कि कोई तुम्हारी care करे, वैसे तुम्हें खुद की care करनी है। तुम्हें खुद की बेरुखी पर खुद से नाराज होना है, और फिर खुद को मनाना भी है। तुम्हें खुद को सताकर खुद पर गुस्सा करना है, और फिर खुद को शांत भी करना है। नख़रे तुम किसी पर भी कर सकती हो, पर याद रखना कि इन नखरों को तुम्हें खुद ही झेलना है। कोई और तुम्हें इस कदर नहीं समझ सकता जितना कि तुम खुद को समझ सकती हो।
जैसे कि- लोग कैसे जानेंगे कि तुम्हारा गुस्सा गुस्सा नहीं बस तुम्हारी शरारत है, और तुम्हें मनाया कैसे जा सकता है, etc.
But इसके आगे जो उसे मैंने नहीं बताया, क्यूँकि वह उसके सवाल के जवाब का हिस्सा नहीं था, और वह यह था कि-
• Step 4:- अब जिस तरह self love कर रही हो खुद को ही 2nd person मानकर, वैसा ही love अगर कोई 2nd person हो तुम्हारे life में तो उसे करो, जैसे कि your husband, child,... तो वह pure love हो जाएगा।
इसके लिए तुम्हें सबसे पहले उसके साथ time spend करना होगा, उसे जानना होगा, समझने की कोशिश करना होगा। ताकि उसके मन के भाव को उसके बिना कहे भी समझ सको। अगर अपने मन को स्थिर और एकाग्र करोगी अपनी इंद्रियों को अपने वश में रखकर तो यह कर सकती हो।
• Step 5:- अगर यही love and care खुद से और साथ ही साथ उससे जिसे तुम प्यार करती हो उससे related हर किसी से करो तो वह social love हो जाएगा।
इसके लिए हर वो इंसान जिससे तुम प्यार करती हो, या जो तुम्हें प्यार करता है, उसके साथ-साथ हर वो इंसान जिसे वह प्यार करता है जिसे तुम प्यार करती, या उसे जो सभी प्यार करते हैं, उनकी तुम्हें care करनी होगी। जैसे कि उसकी family, friends, relatives, etc. चाहे तुम्हारा उनके साथ कोई खास बने या ना बने, चाहे उसका खुद उनके साथ किसी बात की नाराजगी रहती हो, चाहे उनसे कभी अच्छा relations था पर आज किसी बात से नाराजगी रहती है, या जिनके साथ अभी रिश्तें सही नहीं है पर वो ठीक करना चाहते हैं, उन सभी की care करोगी, तो तुम social love करोगी।
• Step 6:- इसके बाद आता है Universal-Love, जिसके लिए इस universe के हर व्यक्ति से love and उसकी care करनी होती है।
इसके लिए तुम्हें हर वो person जो तुम्हारे स्वभाव के कारण तुम्हारे पास आता हो, या तुम्हारे उसके ऊपर प्रभाव के कारण तुम्हारे पास आता हो, या जो किसी चीज के अभाव में तुम्हारे पास आता हो, साथ ही साथ जो तुम्हारे पास आता हो या ना आता हो, तुम्हें हर किसी की और उसके emotions की care करनी होगी। True selfless love यही होता है।
• Step 7:- फिर finally आता है spiritual love, जिसकी कोई boundary ही नहीं होती।
हर वह व्यक्ति या प्राणी जो इस reality में exist करता है, या ना करता हो, वो existence सच हो या वह बस किसी का imagination हो, या myth हो, हर किसी से love करो, उनकी care करो, तो तुम spiritually हर किसी से connect हो जाओगी और तुम spiritually हर किसी से love करोगी।
मुझे यह तो पता नहीं कि वह Almighty God/सास्वत ईश्वर सच में exist करता भी है कि नहीं। पर अगर वह exist करता है तो इससे बिना उनका पूजा-पाठ किये, रात-दिन उनका माला जपे उन्हें पा सकती हो। यह मेरा strong believe है।
I hope कि मेरी यह perspective उसके और आपलोग के भी life के लिए meaningful साबित हो।
-Krishna Kunal as AnAlone Krishna
23rd September, 2021 A.D.
Also read my bilingual short story "Relief by Self-Love" on my blog KrishnaKunal.Blogspot.Com
Link to the story is https://krishnakunal.blogspot.com/.../relief-by-self-love...

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