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_____Day 16_____
I know, I'm not a good story teller.
But, I'm going to tell a story.
एक बार किसी राजा ने अपने दरबार के जनप्रतिनिधियों में से किसी एक को शाही सलाहकार चुनने का निर्णय लेने के लिए एक test लिया। उसने सभी प्रतिनिधियों से कहा कि- "आपको राजकोष का संपूर्ण धनराशि अगर खर्च करने को मिले, तो आप मेरे इस राज्य की कीर्ति को बढ़ाने के लिए क्या करोगें ?" उसके चापलूसों ने राजा की मूर्ति और उसकी उपलब्धियों की तख्ती के साथ हर साल भव्य मेले के आयोजन की योजना पेश किए। वहीं दूसरी ओर वह प्रतिनिधि, जिसे बात-बात पर राजा की कमियाँ निकालने की आदत थी, उसने अनेक योजयनाएँ लाकर जनकल्याण की बात रखी। जिसपर सभी हँसे, कि तरह तरह के कई योजनाएं पहले से ही है राज्य में तो फिर से और लाने की क्या जरूरत..!
अब आप बाताओं, कि राजा किसे अपना साही सलाहकार बनाएगा ?
कहने का बात यह है कि,
भगवान ने हमें तोहफ़े में यह जिंदगी दी, साँसे दी जीने के लिए। कुछ करने के लिए। हर किसी को उनके लिए कुछ करने की इक्षा है, उनका खास बनने की इक्षा है।
क्या लगता है ? वो किन्हें अपना खास/प्यारा बनाते होंगे ?
उन्ही की बनाई सृष्टि से उन्ही के अंश उठाकर उन्हीं को समर्पित करने वालो को, या उनके इस सृष्टि में प्रेम भरने-बांटने और खूबसूरत बनाने वालों को ?
20th July, 2020 A.D.
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