Soulmate - इस आत्मा को परमात्मा तक ले जाने वाले सफर का साथी बनने के लिए सबसे पहले आत्मबोध फिर जीवन दर्शन का बोध होना आवश्यक है।
Life partner - जीवनसाथी बनने के लिए इस जीवन और इनसे जुड़े कर्तव्यों को जानने, साथ करने और करने में मदद करने की अर्थात जीवन उद्देश्य का बोध होना आवश्यक है।
Wife/Husband - वो रिश्ता जो इस जीवन निर्वहन के लिए इस जीवन से जुड़े इस शरीर की आवश्यकता और इसे पूरा करने में सहायक हो इसलिए जीवन का आधार का ज्ञान होना आवश्यक है।
Fiancé/मँगेतर/Boyfriend/Girlfriend - a step to come into the relationship - किसी के साथ पूरी जिंदगी बिताने का decision लेने से पहले एक दूसरे को जानने, समझने और अपनाने की दृढ़ निश्चय करने के लिए एक दूसरे को करीब आने और निश्चय करने से पूर्व कि एक दूसरे के साथ ताल मेल बिठा पाएँगे कि नहीं, एक दूसरे को परखना आवश्यक है।
अंतर बस इतना सा है कि fiancé/मँगेतर घरवाले ढूँढते हैं, और boyfriend/girlfriend कोई खुद ढूंढ लेते हैं। बच्चे बड़ो पर भरोसा करके कि उनका decision हमारे हित में ही होगा, किसी अंजान का हाँथ थाम लेते हैं। मगर बड़ो के नजर में छोटे हमेशा बच्चे होते हैं, इसलिए वे यह मान नहीं पाते कि उनके बच्चे इतने बड़े हो चुके हैं कि अपने life का decision खुद ले सके। इसलिए जिसे जानकर, समझकर, परखकर कोई चुनते हैं, उन्हें भी छोड़ना/भूलना पड़ता है।
यह गहराई से समझने की बात है।
-AnAlone Krishna.
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