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कतरा-कतरा रूह को...

कतरा-कतरा रूह को...

कतरा-कतरा रूह को, अक्स से टूटते देखता हूँ... मैं इल्म को इस जिस्म से छूटते देखता हूँ। मैं हूँ अभी ज़िंदा, पर रहूंगा कब तक पता नहीं... कायन...
दिल को सुकून नहीं सीने में...

दिल को सुकून नहीं सीने में...

दिल को सुकून नहीं सीने में, वो इसे बाहर तलाशता है। यह चाहता है कोई मिले इसे इसके जैसा और शायरों को पढ़ता और सुनता है। वो क्या चीज है जिससे द...
वो कहते हैं कि...

वो कहते हैं कि...

वो कहते हैं कि  हम देखें उनको उनकी नज़र से जरा बताओ  कि खुद की नज़र में बुरा कौन है ? अगर वो बुरे नहीं है  तो वो हमारी नजर में भी अच्छे ही ह...
मेरे अंदर बैठे शिव और मैं (कविता)

मेरे अंदर बैठे शिव और मैं (कविता)

 मेरे अंदर बैठे शिव और मैं (कोई भी आत्मा ईश्वर को प्रतिस्पर्धा करके प्राप्त नहीं कर सकता है। ध्यान-योग-साधना मन की स्थिरता से पनपते हैं। विच...
"जीवन" | Hindi Poem by AnAlone Krishna

"जीवन" | Hindi Poem by AnAlone Krishna

 "जीवन"  (अपने कुछ होनहार दोस्तों का समाज तथा प्रकृति के प्रति बेपरवाही और केवल अपने परिवार के प्रति ही उत्तरदायी होने के स्वार्थी...
अगर तुम नहीं तो अब कौन ? | कृष्ण कुणाल की लिखी कविता

अगर तुम नहीं तो अब कौन ? | कृष्ण कुणाल की लिखी कविता

 अगर तुम नहीं तो अब कौन ? (किसी खास को खोने के याद में उसे लिखा गया) by   AnAlone Krishna तुम नहीं तो अब कौन ? अगर छलकेंगे मेरे आँखों से आँस...
• अब वो वक़्त नहीं है • कृष्ण कुणाल की कविता

• अब वो वक़्त नहीं है • कृष्ण कुणाल की कविता

● अब वो वक़्त नहीं है ● (अपने अपनों की महत्वकांछाओं को पूरा करने के लिए अपनों से दूर रहने वालों के लाचारी को बयां करते हुए।) -कृष्ण कुणाल के ...
आईने ढूँढ़ रहा हूँ मैं... | कृष्ण कुणाल की कविता

आईने ढूँढ़ रहा हूँ मैं... | कृष्ण कुणाल की कविता

● आईने ढूँढ़ रहा हूँ मैं... ● (जब मैं अपनी असफलताओं से हारा हुआ महसूस करने, और खुद को कैसे हताश होने से बचाया, या यूँ कहूँ तो खुद को संभालकर ...
एक लड़का देखा है मैंने गाँव में... | Hindi poem by AnAlone Krishna

एक लड़का देखा है मैंने गाँव में... | Hindi poem by AnAlone Krishna

 ● एक लड़का देखा है मैंने गाँव में... ● (जो बच्चे शहर से पढ़कर वापस आते है और आसानी से गाँव के माहौल में घुल-मिल नहीं पाते, यह कविता उनकी परिस...
 ● मत पलटो पन्ने मेरी जिंदगी के... ● कृष्ण कुणाल के द्वारा लिखी गई हिंदी कविता

● मत पलटो पन्ने मेरी जिंदगी के... ● कृष्ण कुणाल के द्वारा लिखी गई हिंदी कविता

मत पलटो पन्ने  मेरी जिंदगी के... (उन सभी को उत्तर, जो पूछते रहते हैं कि "तेरे दिल का हाल क्या है ? तुम्हारे ऐसे होने का राज क्या है ?...
बारिश चाहता है , Hindi poem by AnAlone Krishna.

बारिश चाहता है , Hindi poem by AnAlone Krishna.

• बारिश चाहता है • (उदास मन से रोने की चाहत में जब आँखे बंद हो और आँखों से आँसू छलकने की जगह आँखें सूखी-सूखी महसूस हो) कृष्ण कुणाल की कविता...

  यूँ तो हम बस एक वजह ढूंढ रहे थे इस बेरहम जिंदगी जीने को। जबसे वो मिली यह जिंदगी खूबसूरत लगने लगी॥ हम ख्वाहिश करना चाहे कि बना लूँ उसे ही अ...

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