Recents posts from this Blog...👇

कतरा-कतरा रूह को...

कतरा-कतरा रूह को...

कतरा-कतरा रूह को, अक्स से टूटते देखता हूँ... मैं इल्म को इस जिस्म से छूटते देखता हूँ। मैं हूँ अभी ज़िंदा, पर रहूंगा कब तक पता नहीं... कायन...

Navigation 💡 [Select Categories from Edit]

Most recent Comments/Replies by the Readers 👇